न मजदूर रखा, न राजमिस्त्री, खूंटी की दो बहनों ने स्कॉलरशिप के पैसे से खुद बना लिया शौचालय

Shailendra | ETV Bihar/Jharkhand

First published: January 14, 2017, 3:47 PM IST | Updated: January 14, 2017, 3:47 PM IST
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न मजदूर रखा, न राजमिस्त्री, खूंटी की दो बहनों ने स्कॉलरशिप के पैसे से खुद बना लिया शौचालय
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने की कोशिशों में कई बेटियों ने सामाजिक सोच को बदलते हुए अनोखी पहल की है. खूंटी की एक बेटी ने अपनी बहन के साथ मिलकर छात्रवृत्ति के पैसे से अपना शौचालय खुद बनाया. इस काम में प्रशासन तो दूर, पिता ने भी बेटियों का सहयोग नहीं किया.

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने की कोशिशों में कई बेटियों  ने सामाजिक सोच को बदलते हुए अनोखी पहल की है. खूंटी की एक बेटी ने अपनी बहन के साथ मिलकर छात्रवृत्ति के पैसे से अपना शौचालय खुद बनाया. इस  काम में प्रशासन तो दूर, पिता ने भी बेटियों का सहयोग नहीं किया.

साढ़े दस हजार रुपए में खुद बना लिया शौचालय

सहेलियों के सवाल कि क्या तुम्हारे घर में शौचालय है, के जवाब में शर्मिंदा होने की बजाय पुनिया ने हालात बदलने की सोची. घर में शौचालय बने, इसके लिए कोई रास्ता दिखता नजर नहीं आया तो पुनिया ने अपनी और अपनी छोटी बहन की छात्र वृति के पैसे से घर में शौचालय बनाने की ठानी. बहन के चार हजार रुपए और खुद के पांच हजार रुपए से शौचालय का निर्माण शुरू किया. पर यह राशि भी नाकाफी थी. लिहाजा उन्होंने शौचालय बनाने के लिए कोई मजदूर या राजमिस्त्री नहीं रखा, ताकि उन्हें पैसे नहीं देने पड़े. बीए में पढ़ने वाली पुनिया और स्कूल छात्रा बहन सुमी ने पड़ोस में बन रहे शौचालय को देख देख कर खुद अपना शौचालय बना लिया. पूरे प्रक्रम में कहीं से पिता साथ नहीं आए. न आर्थिक मदद में और न श्रमदान में. अलबत्ता मां ने जतन से बचाए तीन हजार रुपए बेटियों के हाथ जरूर सौंप दिए. शौचलय बनाने में बहनों को करीब साढ़े दस हजार रुपए खर्च हुए. अब बहनों और मां को राहत है कि शौच जाने के लिए शाम ढलने का इंतजार नहीं करना पड़ता.

बनेंगी शौचालय निर्माण अभियान का ब्रांड एंबेस्डर

खुद राजमिस्त्री और मजदूर बनकर घर में शौचालय बना ली तो लोगों की नजर इस आम सी दिखने वाली खास बेटियों पर गई. खूंटी के गनालोया गांव की महिलाओं के लिए गांव की बेटी पुनिया ढोढराय एक मिसाल बन गई है. पुनिया की उसकी उपलब्धि के लिए मुखिया समेत जिले के एसडीओ ने बेहद गर्मजोशी के साथ फूल माला एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. पुनिया को अब शौचालय निर्माण अभियान का ब्रांड एंबेस्डर बनाने की तैयारी है. एस़डीओ भोर सिंह यादव ने कहा कि पुनिया की उपलब्धि जिले के लिए गौरव का क्षण है.

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