झारखंड का नियुक्ति वर्ष: लटकी पड़ी हैं आधा दर्जन से अधिक नियुक्ति परीक्षाएं

Bhuvan Kishor Jha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: July 17, 2017, 2:04 PM IST
झारखंड का नियुक्ति वर्ष: लटकी पड़ी हैं आधा दर्जन से अधिक नियुक्ति परीक्षाएं
नौकरी हेतु निकाले गए विज्ञापन में त्रुटियां
Bhuvan Kishor Jha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: July 17, 2017, 2:04 PM IST
झारखंड सरकार ने वर्तमान वर्ष को नियुक्ति वर्ष घोषित कर रखा है. मगर नियुक्ति वर्ष दिखावा बनकर रह गया है. सरकार की कोशिशों के बाबजूद आधा दर्जन से अधिक नियुक्ति परीक्षा पर ग्रहण लगा हुआ है.

अब तो कितने ही उम्मीदवारों ने उम्र गंवा दी तो कितनों ने थक हार कर पढ़ाई को अलविदा कर दिया. जो भी वैकेंसी चाहे जेपीएससी से या जेएसएससी से निकाली जा रही है वह विवादों में आ जा रहा है. उदाहरण के तौर पर हाल ही में करीब तीन हजार दारोगा के पद पर नियुक्ति के लिए निकाला गया विज्ञापन उम्र सीमा को लेकर विवाद में आ गया है.

एक उम्मीदवार दीपू ने कहा कि वह दारोगा बनना चाहता था. मगर जबतक दारोगा की वैकेंसी आई उसकी उम्र दारोगा की परीक्षा में बैठने से ऊपर हो गई.

दरअसल जब कभी भी नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाली जाती है तो उसमें कई तरह की तकनीकी खामी रहती है जिसका खामियाजा छात्रों को उठानी पड़ती है. जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 की बात करें या हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति या स्नातक स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा सभी के सभी कई कारणों से लटकी पड़ी हैं. लटकी पड़ी परीक्षाओं की सूची पर एक नजर डालें -

1. जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016---जेपीएससी
2. हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा-------जेएसएससी
3. टेट परीक्षा के बाद माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
4. विश्वविद्यालयों में नन टीचिंग स्टॉफ परीक्षा-जेपीएससी
5. डेंटिस्ट नियुक्ति परीक्षा
6. पुलिस बहाली परीक्षा

हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार ने कहा कि पिछले 17 साल में मात्र पांच या छह जेपीएससी की परीक्षाएं आयोजित हो पाईं. मगर यह परीक्षा कैलेंडर वर्ष के हिसाब होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को तो यह बताना पड़ेगा कि उसके काम न्यायोचित हैं.

 
First published: July 17, 2017
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