जानें: क्या हैं डायबिटीज के लक्षण और उपचार

News18India

Updated: January 7, 2010, 2:35 AM IST
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नई दिल्ली। मौसम बदलने साथ ही हर बीमारी का रूप भी बदलता है। कहने को तो डायबिटीज एक आम बीमारी हो गई है लेकिन अब भी डायबिटीज के ज्यादातर मरीजों को ठंड में डायबिटीज से बचने के तरीके नहीं पता। यही कारण है कि सर्दियों में मरीजों के लिए अपनी डायबिटीज को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है और उनकी बीमारी बढ़ती चली जाती है।

दरअसल डायबिटीज या शुगर या मधुमेह लाइफस्टाइल संबंधी या वंशानुगत बीमारी है। जब पैंक्रियाज नामक ग्लैंड शरीर में इंसुलिन बनाना कम कर देता है या बंद कर देता है, तो यह बीमारी हो जाती है। इंसुलिन ब्लड में ग्लूकोज को कंट्रोल करने में मदद करता है। डायबीटीज खास तौर से दो तरह की होती है।

पहली इंसुलिन आधारित डायबीटीज। इसमें इंसुलिन हॉर्मोन बनना पूरी तरह से बंद हो जाता है। ऐसे में शरीर में ग्लूकोज की बढ़ी हुई मात्रा को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत होती है। इसके अलावा दूसरी है बिना इंसुलिन आधारित डायबीटीज। इसमें इंसुलिन कम मात्रा में बनता है या पैंक्रियाज सही से काम नहीं कर रहा होता है।

इस तरह की डायबीटीज आमतौर पर वयस्कों में ही पाई जाती है और इंसुलिन आधारित डायबीटीज की तुलना में कम गंभीर होती है। डायबीटीज के 90 फीसदी मरीज इसी कैटिगरी में आते हैं।

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डायबिटीज के कारण

डायबिटीज के बारे में जानने के साथ ही जरूरी है इसके कारणों पर ध्यान देना।

- ज्यादा वजन।

- व्यायाम की कमी।

- परिवार में पहले से ही किसी को डायबिटीज हो।

- ज्यादा तनावग्रस्त रहने से।

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डायबिटीज के लक्षण

अगर ब्लड शूगर लगातार बढ़ता रहे तो इससे किडनी खराब होने जैसी कई घातक बीमारियां भी हो सकती हैं। इसके अलावा सर्दियों में अगर ख्याल न रखा जाए तो डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक और दूसरी दिल की बीमारियां होने की संभावना चार गुणा तक बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि इसके लक्षण जान कर फौरन इसका इलाज किया जाए।

- आंखों की रोशनी लगातार कम होना।

- वजन बार-बार बढ़ना या कम होना।

- हर समय कमजोरी महसूस होना।

- चोट लगने पर जल्दी ठीक न होना।

- त्वचा के रोग होना।

- भूख बहुत ज्यादा बढ़ जाना।

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डायबिटीज के इलाज

सर्दियों में डायबिटीज के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। नहीं तो ये जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा साबित हो सकता है। इसके लिए तुरंत इलाज शुरू करें।

- सर्दियों में सैर पर अवश्य जाएं, लेकिन अत्यधिक ठंड में न जायें। डायबिटीज रोगी नंगे पैर कभी न चलें।

- डायबिटीज नियंत्रित करें, आंखों के डॉक्टर को दिखाएं, रेटिना की जांच से पता चलेगा कि रेटिनोपैथी तो नहीं है। ये सारी समस्याएं डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के कारण हो सकती हैं।

- सिर्फ योग से काम नहीं चलेगा, रोज व्यायाम के साथ दवा जरूरी है। डायबिटीज के मरीज को उपवास नहीं रखना चाहिए।

- शुगर फ्री मिठाइयां, आलू, चावल के मोह से बचें। उनके सेवन से उतनी ही कैलोरी और शुगर बढ़ती है। इस तरह के गलत प्रचार के छलावे में न आएं।

- सर्दियों में खाने का खास ख्याल रखें।

- फाइबर की एक संतुलित मात्रा भोजन में होनी चाहिए।

- 3 बार भारी भोजन करने की बजाय 4-5 बार हल्का खाना खाएं।

- जंक फूड बिल्कुल न खाएं।

- सोने से करीब दो घंटे पहले कुछ न खाएं।

हालांकि डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म तो नहीं किया जा सकता लेकिन इसे कंट्रोल में रखा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि अपने डॉक्टर से सलाह लें और खासतौर से सर्दियों में समय समय पर शुगर लेवल का चेकअप करवाते रहें। थोड़ी सी सावधानी आपको सर्दियों में डायबिटीज की पीड़ा से दूर रख सकती है।

First published: January 7, 2010
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