रोज सुनेंगे चिड़ियों की चहचहाहट तो जिंदगी रहेगी खुशनुमा

आईएएनएस
Updated: February 27, 2017, 8:26 AM IST
रोज सुनेंगे चिड़ियों की चहचहाहट तो जिंदगी रहेगी खुशनुमा
अगर आप पेड़ों, झाड़ियों और चिड़ियों की चहचहाहट वाले पड़ोस में रहते हैं तो आपके स्ट्रेस या बैचैन होने की संभावना कम हो जाती है.
आईएएनएस
Updated: February 27, 2017, 8:26 AM IST

अगर आप पेड़ों, झाड़ियों और चिड़ियों की चहचहाहट वाले पड़ोस में रहते हैं तो आपके स्ट्रेस या बैचैन होने की संभावना कम हो जाती है. एक्सेस्टर यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश ट्रस्ट फॉर ऑर्निथोलॉजी व क्वींसलैंड यूनिविर्सिटी के रिसर्चस के मुताबिक, जिन लोगों ने दिनभर में कई पक्षियों को देखा उनमें डिप्रेशन, स्ट्रेस और बैचैनी कम देखी गई.

बायोसाइंस पत्रिका में प्रकाशित स्टडी से पता चला कि जो लोग अपने घरों के आसपास पक्षियों, झाड़ियों और पेड़ों को देखते हैं उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलता है.

एक्सेस्टर यूनिवर्सिटी के डेनियल कॉक्स ने कहा कि इस अध्ययन से पता चलता है कि प्रकृति के कुछ घटक हमारे मानसिक स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाते हैं. घर के आसपास मौजूद पक्षी और पेड़ पौधे हमारे सेहत को सही रखने, शहरों में स्वस्थ वातावरण रखने और रहने वाले माहौल को खुशनुमा बनाए रखने का प्रमुख संकेत दर्शाती है.

कॉक्स के किए गए हालिया स्टडी से यह भी पता चला कि पक्षियों को निहारने से लोग सुकून महसूस करते हैं और प्रकृति से जुड़ाव महसूस करते हैं.

First published: February 27, 2017
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