अगर रोज नाश्‍ते में एक कटोरी पपीता खाएं तो क्‍या होगा


Updated: May 13, 2017, 8:11 AM IST
अगर रोज नाश्‍ते में एक कटोरी पपीता खाएं तो क्‍या होगा
पपीते में फैट बिलकुल नहीं होता और ये ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत भी है

Updated: May 13, 2017, 8:11 AM IST
दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं. एक जो रोज सुबह नाश्ते में एक कटोरी पपीता खाते हैं और दूसरे वे, जो रोज सुबह नाश्ते में एक कटोरी पपीता नहीं खाते हैं. आपको पता है, दोनों में क्‍या फर्क है. फर्क यह है कि जो रोज पपीता खाते हैं, वे ज्‍यादा स्‍वस्‍थ और खुश रहते हैं और ऑफिस में बेहतर काम करते हैं.

पपीते के फायदे
पपीता विटामिन और मिनरल से भरपूर फल है, जो शरीर में न सिर्फ पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देता है.

1.रोज खाएं पपीता और रहें स्लिम

पपीते में फैट बिलकुल नहीं होता और ये ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत भी है. पपीते में कैलोरी बहुत कम होती है. आप कितना भी पपीता खा लें, लेकिन वजन नहीं बढ़ेगा. यह पाचन क्रिया को भी सुचारु रखता है.



 

2. अस्थमा का खतरा होता है कम
यदि शरीर में पर्याप्त मात्रा में बीटा-कैरोटीन है तो अस्थमा का खतरा कम हो जाता है. पपीते में बीटा-कैरोटीन होता है, जो अस्थमा पर नियंत्रण रखता है. रोज एक कटोरी पपीता खाकर आप अस्थमा से बच सकते हैं.



3.शरीर को बनाता है निरोगी
पपीते में विटामिन ए, बी, सी और विटामिन के पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होते हैं. पपीते के नियमित सेवन से शरीर में कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चलती रहती है, जिससे किसी भी तरह का घाव जल्दी भर जाता है.

4.आर्थराइटिस के खतरे से बचाता है
पपीते में कैल्शियम, मैग्नीशियम और कॉपर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. नियमित रूप से पपीते का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं होती और आर्थराइटिस का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.



5. डेंगू का इलाज है पपीते की पत्तियों के पास
डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या बहुत तेजी से गिरती है. पपीते की पत्तियों का रस प्लेटलेट्स बढ़ाने में बहुत उपयोगी है. इसके लिए पपीते की पत्तियों को थोड़े से पानी के साथ पीस लें. उसका रस निकालकर नियमित रूप से पिएं. ऐसा करने से प्लेटलेट्स की संख्या में हो रही गिरावट रुक जाती है.

6.दिल का रखे ख़याल
पपीते में फाइबर, विटामिन और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हृदय संबंधी रोगों के लिए अचूक उपाय है. शरीर में पोटैशियम की मात्रा बढ़ाकर और सोडियम की मात्रा घटाकर हृदय रोगों के खतरे से बचा जा सकता है.
First published: May 13, 2017
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