बच्चों को दादी-नानी की कहानियों से भी दूर करता है, आपके घर का ये इडियट बॉक्स टीवी


Updated: July 11, 2017, 3:51 PM IST
बच्चों को दादी-नानी की कहानियों से भी दूर करता है, आपके घर का ये इडियट बॉक्स टीवी
गर्मी की छुट्टियां आते ही बच्चों के मजे हो जाते हैं. सारा दिन घर पर टीवी देखने या फिर मोबाइल पर गेम खेलना, बच्चे तो बच्चे हैं लेकिन बड़े बूढ़े भी इस टीवी के फैन हैं.

Updated: July 11, 2017, 3:51 PM IST
गर्मी की छुट्टियां आते ही बच्चों के मजे हो जाते हैं. सारा दिन घर पर टीवी देखने या फिर मोबाइल पर गेम खेलना. बच्चे तो बच्चे हैं लेकिन बड़े बूढ़े भी इस टीवी के फैन हैं. अगर एक दिन घर पर टीवी न चले तो लोगों  के लिए दिन काटना मुश्किल हो जाता है. लेकिन टीवी देखने की ये आदत आपके लिए कितनी नुकसान दायक हो सकती है इसके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे.

लगातार टीवी देखने का शौक आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है. ज्यादा टीवी देखने से डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां आपको घेरने लगती हैं. चलिए जानते हैं टीवी से होने वाले नुकसान के बारे में.

1. दिन में लगातार दो घंटे से अधिक टीवी देखना डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ा देता है. शोध के अनुसार लगातार दो घंटे से अधिक टीवी देखने वालों में 20 प्रतिशत डायबिटीज और 15 प्रतिशत हृदय रोग की संभावना बढ़ जाती है.



2. टीनी देखने के दौरान आप लगातार बैठे रहते हैं जो शारीरिक रूप से आपके लिए हानिकारक होता है. इसकी वजह से अक्सर रीढ़ की हड्डी या पीठ में दर्द जैसी समस्या हो जाती है.

3. लगातार टीवी देखने से बच्चे शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो जाते हैं. जिसकी वजह से आलस और मोटापा बढ़ने लगता है. साथ ही आंखों में कई बार प्रकार की गंभीर समस्या हो जाती है. बच्चों में चश्मा लगने की सबसे बड़ी वजह लगातार टीवी देखना है.

4. शोध के अनुसार लगातार टीवी देखने या कम्प्यूटर में गेम खेलने की वजह से बच्चों के स्वभाव में भी बदलाव आता है और बच्चे चिड़चिड़े स्वभाव के हो जाते हैं.

5. आजकल की इस व्यस्त दिनचर्या में लोगों के पास अपने परिवार के साथ बिताने के लिए समय नहीं होता है. क्योंकि वो जब काम से थक कर घर लौटते हैं तो टीवी देखने लग जाते हैं. और साथ संमय न बिताने से हर रिश्ते में दूरियां पैदा हो जाती हैं.

6. आजकल के बच्चे हर चीज से ज्यादा टीवी को महत्व देते हैं, शायद यही वजह है कि ये बच्चे दादी और नानी की उन कहानियों से भी दूर हो जाते हैं जो कई बार जिंदगी का कुछ जरूरी पाठ हमें बचपन में ही पढ़ा देती थीं.
First published: July 11, 2017
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