मेकअप, महंगी ड्रेस और ताज के बिना भी बना जा सकता है क्वीन!

News18India.com
Updated: July 3, 2016, 4:32 PM IST
मेकअप, महंगी ड्रेस और ताज के बिना भी बना जा सकता है क्वीन!
जरूरी है तो बेहतर सोच, मीठी बोली, नम्रता और सहयोग जैसे गुणों के साथ खुद को पहचानने और समझने की।
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Updated: July 3, 2016, 4:32 PM IST
आगरा। ऊंची हील, सुंदर कपड़े और मेकअप और सिर पर ताज होने से कोई महिला क्वीन नहीं बनती। आपका व्यक्तित्व आपको क्वीन बनाता है। हर महिला में एक क्वीन है। आप अपने व्यक्तित्व को निखार कर सिर पर ताज और महंगे कपड़ों के बिना भी एक रानी की तरह जी सकती हैं। जरूरी है तो बेहतर सोच, मीठी बोली, नम्रता और सहयोग जैसे गुणों के साथ खुद को पहचानने और समझने की। यह कहना था मिसेज इंडिया 2014 शिवांगी मलेटिया जांगरा का।

जांगरा क्वीन इन द मेकिंग वर्कशॉप में महिलाओं को व्यक्तित्व विकास के बारे में बता रही थीं। वर्कशॉप में 18 से 70 वर्ष तक की 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। मिसेज हैरीटेज व फैमिना मिस गार्जेज रह चुकीं शिवांगी ने कहा कि सबसे पहले महिलाएं अपने अंदर पनपने वाली असुरक्षा की भावना को तोड़ें। शादी और बच्चे होने के बाद अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि अब वह जीवन में कुछ नहीं कर सकतीं। जबकि ऐसा नहीं है। अपनी इच्छाओं को दबाएं नहीं। अपनी दिनचर्या निर्धारित करें। दिमाग और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगा करें।

उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेज के बाद महिलाएं लिखना-पढ़ना तो जैसे भूल जाती हैं। हर रोज लिखने की आदत डालें। अपने मनोभाव को शब्द प्रदान करें। इससे आपमें सकारात्मकता के साथ आत्मविश्वास बढ़ता है। आप जो हैं उसे बिना झिझके अभिव्यक्त करना सीखें। आप जितना बड़ा सोचोगे, उतना ही आगे बढ़ोगे।

उन्होंने कहा कि हम से ज्यादा हमारा शरीर बोलता है। आप कैसे चलते हैं, कैसे उठते-बैठते हैं और किस अंदाज में बातें करते हैं। आपके मुंह से बोलने से ज्यादा (60-90 प्रतिशत) आपके हाव-भाव आपके व्यक्तित्व को परिभाषित करते हैं। कार्यशाला में शिवांगी ने बोलने, चलने और उठने-बैठने के भी टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि फोटो खिंचवाते समय हमेशा कुछ सकारात्मक सोचें।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आशिमा श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि संकल्प संस्था की संस्थापिका रश्मि मगन, पूनम सचदेवा ने सम्मलित रूप से दीप जलाकर किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में चांदनी ग्रोवर व निहारिका मल्होत्रा ने बुके देकर शिवांगी का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन पूनम सचदेवा ने किया।

इस मौके पर कई महिलाओं ने अपने खट्टे मीठे अनुभवों को साझा किया और शिवांगी से सवाल भी किए। लगभग 60 वर्षीय कोरी आनंद ने कहा कि खुश रहने के लिए क्यों, कब कहां जैसे प्रश्नात्मक शब्दों को हटा देना बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में गरिमा हेमदेव, पुष्पा पोपटानी, माला, प्रीति बत्रा, रचना आग्रवाल, चांदनी ग्रोवर, विमला वर्मा, इवेन्ट्रिक इवेंट की शिखा जैन, शिखा जैन, आशु मित्तल, राशि गर्ग, सारिका कपूर, राशि पोपटानी, बेला सरीन, रिया मित्तल, रेशमा मगन, गुलजार आदि उपस्थित थीं।
First published: July 2, 2016
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