VIDEO : 'गैजेट या स्क्रीन खरीदने की जरूरत नहीं, एक चश्मे से बदलेगी दुनिया'

News18Hindi
Updated: April 19, 2017, 6:48 PM IST
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Updated: April 19, 2017, 6:48 PM IST
फेसबुक F8 डेवलपर कॉन्फ्रेंस के पहले दिन जकरबर्ग ने फ्यूचर टेक्नीक्स के बारे में ब्रीफ किया.  AR (ऑगमेंटेड रियलटी) के बारे में बताते हुए जकरबर्ग ने कहा कि यह टेक्नीक दुनिया देखने के नजरिया बदल देगी.

जकरबर्ग का कहना है कि फ्यूचर में लोगो को कोई गैजेट या स्क्रीन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) ग्लासेस से ही लोगों को डिजिटल कन्टेंट एक्सपीरियंस करने का मौका मिलेगा.

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जकरबर्ग ने कहा कि जहां बाकी कंपनी अपने स्मार्टफोन कैमरा स्क्रीन के साथ  ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) को पेश कर रहें हैं, वहीं हमारा फोकस है कि हम सिर्फ एक गैजेट लेकर आएं, जो सब पर भारी पड़ेगा.

AR (ऑगमेंटेड रियलिटी) की बात को आगे बढ़ाते हुए जकरबर्ग ने कहा, 'हम अपने आसपास की चीजों को नॉर्मल देखने और महसूस करने के लिए चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं, मगर अब वक्त है डिजिटल चीजों और दुनिया को अलग लेवल पर देखने का.'

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जकरबर्ग का कहना है कि हम पहला AR कैमरा लाने पर काम कर रहें हैं. इसमें कैमरा टूल्स और इफेक्ट्स भी होंगे.

हालांकि फेसबुक ने अभी तक खुद ग्लासेस या कॉन्टेक्ट लेंस बनाने के बारें में कोई बात नहीं की है. बता दें कि सिर्फ फेसबुक के अलावा एप्पल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट भी AR टेक्नोलॉजी को लेकर काम कर रहे हैं.
First published: April 19, 2017
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