गूगल ने एक तस्वीर में दिखा दी सावित्रीबाई की कहानी, बनाया ये अनोखा डूडल

News18India.com
Updated: January 3, 2017, 10:07 AM IST
गूगल ने एक तस्वीर में दिखा दी सावित्रीबाई की कहानी, बनाया ये अनोखा डूडल
समाज सुधारक और कवियत्री सावित्राबाई फुले के 186वें जन्मदिन पर गूगल ने उन्हें याद किया है। गूगल ने डूडल के माध्यम से सावित्रीबाई फुले के चरित्र को दर्शाया है।
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Updated: January 3, 2017, 10:07 AM IST
नई दिल्ली। समाज सुधारक और कवियत्री सावित्राबाई फुले के 186वें जन्मदिन पर गूगल ने उन्हें याद किया है। गूगल ने डूडल के माध्यम से सावित्रीबाई फुले के चरित्र को दर्शाया है। उस वक्त जब महिलाएं उत्पीड़न का शिकार थीं और उनकी शिकायतों को बमुश्किल ही महत्व ही दिया जाता था, उस वक्त फुले अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़ी हुईं और हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

3 जनवरी 1831 को सावित्रीबाई फुले का जन्म एक संपन्न किसान परिवार में हुआ था। उनके जन्म का स्थान नायगांव, महाराष्ट्र था। 9 साल की उम्र में ही उनकी शादी हो गई थी लेकिन वह शिक्षा को लेकर दृढ़ संकल्पित थी और अपने वक्त में देश में कुछ चुनिंदा शिक्षित महिलाओं में से थीं।

समाज सुधार को लेकर महाराष्ट्र में चलाए गए आंदोलनों में उनकी प्रबल भूमिका रही और इस काम में उनके पति ने उनका पूरा साथ दिया। 1848 में दोनों ने मिलकर पुणे में पहले गर्ल्स स्कूल की शुरुआत की। भेदभाव खत्म करने के लिए किए गए अपने प्रयासों और जाति-लिंग के आधार पर अनुचित व्यवहार के खिलाफ किए गए उनके संघर्षों के लिए भी सावित्रीबाई फुले को याद किया जाता है।
First published: January 3, 2017
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