याहू को मिलेगा 'अल्टाबा' नाम, जानें क्यों हुआ ये बदलाव!

आईएएनएस
Updated: January 11, 2017, 10:28 AM IST
याहू को मिलेगा 'अल्टाबा' नाम, जानें क्यों हुआ ये बदलाव!
मशहूर सर्च इंजन कंपनी याहू जिसकी अमेरिकी वायरलेस कम्यूनिकेशन सर्विस प्रदाता वेरीजॉन ने पिछले साल जुलाई में महज 4.8 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था।
आईएएनएस
Updated: January 11, 2017, 10:28 AM IST
न्यूयार्क। मशहूर सर्च इंजन कंपनी याहू जिसकी अमेरिकी वायरलेस कम्यूनिकेशन सर्विस प्रदाता वेरीजॉन ने पिछले साल जुलाई में महज 4.8 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था, अब जल्द ही अल्टाबा के नाम से जानी जाएगी। इसके साथ ही याहू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैरिसा मेयर के भी कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा देने की खबर है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में बताया गया कि वेरिजन के पास बिकने के बाद से याहू के छह निदेशक कंपनी छोड़कर जा चुके हैं, जिसमें मेयर भी शामिल है।

वेरिजॉन ने याहू का अधिग्रहण डिजिटल विज्ञापन के क्षेत्र में अपने परिचालन को मजबूत करने के लिए किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक वेरिजॉन के लिए व्यावहार्य विकल्प याहू की संपत्तियों को एओएल से नहीं जोड़ना ठीक रहे, जिसका उसने 4.4 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया है। एओएल के पास द हफिंगटन पोस्ट और टेक्नॉलिजी वेबसाइट टेकक्रंच और एनगैजेट है और याहू के पास याहू फाइनेंस है। इस तरह से वेरिजॉन के पास अब मजबूत डिजिटल एडवरटाइजिंग मंच हो गया है।

वैश्विक मार्केट कंसलटेंसी फर्म गार्टनर के शोध निदेशक विशाल त्रिपाठी ने बताया कि वैरिजॉन निश्चित रूप से याहू और एओएल दोनों कंपनियों के परिचालन को अपने हिसाब से बदलेगी ताकि इस सौदे का वह फायदा उठा सके। फोटो शेयरिंग वेबसाइट फ्लिकर और धीरे-धीरे लोकप्रियता हासिल कर रही माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट टंबलर याहू की दो संपत्तियां है जिसमें विकास की काफी गुंजाइश है।

त्रिपाठी ने कहा कि वेरिजॉन के पास अब टंबलर, फ्लिकर, याहू स्पोर्ट्स और याहू न्यूज है। इस तरह से वेरिजॉन के लिए यह सौदा काफी लाभकारी प्रतीत हो रहा है।
First published: January 11, 2017
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