2012 में पूरा होना था जेपी का क्लासिक, अब तक भटक रहे हैं खरीदार

News18.com
Updated: June 3, 2016, 2:48 PM IST
2012 में पूरा होना था जेपी का क्लासिक, अब तक भटक रहे हैं खरीदार
जेपी ग्रुप के क्लासिक प्रोजेक्ट में 2400 फ्लैट हैं जिनकी कीमत 30 लाख से 1.8 करोड़ रुपये तक है। प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेडलाइन 2012 थी लेकिन 2016 में भी वो इस स्थिति में नहीं हैं कि उनके जल्द पजेशन की कोई उम्मीद बंधे।
News18.com
Updated: June 3, 2016, 2:48 PM IST
नई दिल्ली। देशभर से हजारों परिवारों ने अपने जीवन की गाढ़ी कमाई ये सोचकर नोएडा के जेपी किंग्सटन पार्क में लगाई कि उन्हें अपने सपनों का आशियाना मिलेगा। लेकिन महीनों नहीं बल्कि सालों बीत जाने के बाद भी वे अपने फ्लैट का इंतजार ही कर रहे हैं। बिल्डर से बात करो तो वो नोएडा अथॉरिटी को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ लेता है लेकिन फ्लैट के खरीदार बिना घर पाए बैंक की ईएमआई और घर का किराया साथ-साथ भरने को मजबूर हैं।

न्यूज18.कॉम की खबर के मुताबिक जेपी ग्रुप के क्लासिक प्रोजेक्ट में 2400 फ्लैट हैं जिनकी कीमत 30 लाख से 1.8 करोड़ रुपये तक है। प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेडलाइन 2012 थी लेकिन 2016 में भी वो इस स्थिति में नहीं हैं कि उनके जल्द पजेशन की कोई उम्मीद बंधे। खरीदार अब अपने पैसे वापस मांग रहे हैं ताकि वे उससे किसी भी दूसरी जगह रेडी टू मूव फ्लैट ले सकें।

खरीदार अभिषेक सक्सेना चाहते थे कि 2011 में जब उनके पिता रिटायर हों तो उन्हें अपना घर मिल जाए। वे 50 लाख रुपये तक का भुगतान बिल्डर को कर चुके हैं लेकिन 2016 में भी उनका सपना पूरा नहीं हुआ है। उनके पिता दिल के मरीज हैं और परिवार बैंक की ईएमआई और घर का किराया दोनों साथ-साथ भर रहा है।

75 साल के अशोक भाटिया ने भी अपने जीवन भर की पूंजी में से 50 लाख रुपये जेपी क्लासिक में लगाए। वे पर्किंसन के मरीज हैं। लेकिन इसके बावजूद वो हर महीने साइट पर जाते हैं। उन्हें 2012 में फ्लैट मिलना था लेकिन वे अब भी भटक रहे हैं। हालांकि जेपी नोएडा के मुख्यालय में  कंपनी के प्रतिनिधि अजीत कुमार से बात की गई तो उन्होंने पूरा ठीकरा नोएडा अथॉरिटी पर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि नोएडा अथॉरिटी ने उन्हें पहला अप्रूवल दिसंबर 2015 में दिया, ऐसे में वे लाचार थे। हालांकि वे अब मार्च 2017 तक पजेशन देने का वादा कर रहे हैं।

जेपी ग्रुप ने 2006 से 2012 के बीच रियल इस्टेट, पावर और सीमेंट प्रोजेक्ट में 60 हजार करोड़ रुपये निवेश किए। कंपनी ने फॉर्मूला वन रेस ट्रैक बनाया, यमुना एक्सप्रेस वे तैयार किया और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और क्रिकेट स्टेडियम के लिए दांव लगाया। हालांकि ग्रुप पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। ग्रुप भले ही मार्च 2017 तक पजेशन देने की बात कर रहा हो लेकिन जिस गति से उसका कंस्ट्रक्शन चल रहा है, उसे देखते हुए उसका समय पर वादा पूरा कर पाना आसान नहीं लगता।
First published: May 31, 2016
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर