फ्लैट पजेशन का है इंतजार, तो ये मोटी रकम चुकाने को रहें तैयार!

News18India.com
Updated: October 5, 2016, 8:41 AM IST
फ्लैट पजेशन का है इंतजार, तो ये मोटी रकम चुकाने को रहें तैयार!
घर में एंट्री से पहले आपको एक मोटी रकम बिल्डर को चुकानी होगी जो कि फ्लैट की मूल कीमत से अलग होगी। कौन-कौन सी होगी ये रकम और किस मद में आपसे मांगी जाएगी यहां जानें...
News18India.com
Updated: October 5, 2016, 8:41 AM IST
नई दिल्ली। गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में किराये के फ्लैट में रह रहे भरत उपाध्याय सकते में हैं। भरत ने नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक कराया था जिसका पजेशन उन्हें दीपावली पर ही मिलना था। उम्मीद के मुताबिक बिल्डर ने तय वक्त पर पजेशन ऑफर भी कर दिया लेकिन जब इसका लेटर भरत के हाथ आया तो खुश होने के बजाय वे सकते में आ गए। वजह थी बिल्डर द्वारा उनसे मांगी गई तकरीबन पांच लाख रुपये की अतिरिक्त रकम। भरत ने 30 लाख रुपये की कुल कीमत का फ्लैट बुक कराया था और ये पूरी रकम वो वक्त पर जमा भी करा चुके थे लेकिन अब उनसे तकरीबन 20 फीसदी रकम और मांगी जा रही है। वे बिल्डर के पास गए तो पता चला ये झटका दरअसल अब तक उनके ही गफलत में रहने का नतीजा था।

अगर आप भी भरत उपाध्याय की तरह पहला फ्लैट खरीद रहे हैं और पजेशन के इंतजार में हैं तो आपके लिए भी ये जानना बहुत जरूरी है कि घर में एंट्री से पहले आपको एक मोटी रकम बिल्डर को चुकानी होगी जो कि फ्लैट की मूल कीमत से अलग होगी। कौन-कौन सी होगी ये रकम और किस मद में आपसे मांगी जाएगी ये जानने के लिए नीचे पढ़ें:-

सर्विस टैक्सः आपने अक्सर ऐसे विज्ञापन देखे होंगे जिसनें 25 लाख, 30 लाख या ऐसी ही कीमत पर फ्लैट उपलब्ध होने का दावा किया जाता है। कोई एजेंट जब भी आपको कोई अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट दिखाता है तो वो भी उसकी मूल कीमत ही बताता है। उसपर लगने वाले सर्विस टैक्स का जिक्र न तो विज्ञापन में किया जाता है और न ही एजेंट आपको फ्लैट दिखाते समय इसका जिक्र करता है। जबकि सच्चाई ये है कि अगर आप 30 लाख का कोई फ्लैट बुक कराते हैं तो आपको उसपर 3.75 फीसदी की दर से तकरीबन एक लाख 12 हजार रुपये सर्विस टैक्स के वसूले जाएंगे जो आपको अलग से बिल्डर को देने होंगे। यहां ये उल्लेख करना जरूरी है कि सर्विस टैक्स फ्लैट की एक चौथाई कीमत पर और 15 फीसदी वसूला जाता है जो कि कुल कीमत का 3.75 फीसदी बैठता है।

स्टांप ड्यूटीः फ्लैट का पजेशन लेना है तो उसकी रजिस्ट्री भी करानी होगी। रजिस्ट्रेशन चार्ज प्रॉपर्टी की मूल कीमत का 5 से 8 फीसदी तक होता है। यानी अगर प्रॉपर्टी 30 लाख की है तो ढाई लाख रुपये उसकी रजिस्ट्री के होंगे जो नए घर में प्रवेश करने से पहले ही देने होंगे।

भुगतान में देरी पर ब्याजः ये एक ऐसा चार्ज है जिसे लेकर खरीदार और बिल्डर के बीच सबसे ज्यादा झगड़े होते हैं। फ्लैट बुक कराते समय बिल्डर जब आपसे एग्रीमेंट करता है तो आपका ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि पजेशन लेट होने पर बिल्डर आपको कितनी पैनाल्टी देगा। कम ही लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि पैनाल्टी की सबसे बड़ी शर्त होती है कि आपने बिल्डर द्वारा डिमांड लैटर के जरिए मांगी गई हर रकम का समय पर भुगतान किया हो। ऐसा न होने पर बिल्डर उल्टा आपसे ही 18 फीसदी की दर से ब्याज वसूलता है जो कि 30 लाख के किसी फ्लैट के लिए 50-60 हजार रुपये तक हो सकता है। खास बात ये है कि अगर बिल्डर ने आपको एक तारीख को लैटर भेजकर आपसे 3 लाख रुपये की डिमांड की है और 15 दिन का समय आपको ये रकम चुकाने के लिए दिया है और आप समय सीमा के दो दिन बाद यानी 17 तारीख को बिल्डर को भुगतान करते हैं तो ज्यादातर बिल्डर दो दिन की बजाय पूरे 17 दिन का ब्याज वसूलते हैं। यानी 18 फीसदी के हिसाब से 17 दिन का ब्याज हुआ तकरीबन 2350 रुपये। कहने का अर्थ है कि फ्लैट का पजेशन लेट होने पर जिस समय आप बिल्डर से पैनाल्टी वसूलने के ख्वाब देख रहे होते हैं, उस समय बिल्डर आपसे पैसे वसूल लेता है।

वाटर कनेक्शन चार्जः फ्लैट लिया है तो पानी का कनेक्शन भी लेना होगा। अगर आप समझे बैठे हैं कि वो फ्लैट की कीमत में शामिल है तो आप गलतफहमी में हैं। पानी के कनेक्शन के लिए बिल्डर आपसे 20 से 40 हजार रुपये तक वसूल लेता है। यही नहीं इस रकम पर सर्विस चार्ज भी देना होता है जो कि 15 फीसदी होता है।

श्रमिक कल्याण निधिः नगर विकास प्राधिकरण कंस्ट्रक्शन में हुए खर्च का एक फीसदी श्रमिक कल्याण निधि के लिए भी बिल्डर से वसूलती हैं। कई बिल्डर ये राशि खरीदार से वसूलकर प्राधिकरण में जमा कराते हैं। यानी अगर आपका फ्लैट 30 लाख का है तो 3 हजार रुपये आपसे इस मद में भी लिए जाएंगे।

मेंटेनेंस चार्जः बहुमंजिली इमारतों वाली ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में रहने वालों को सोसायटी की मेंटेनेंस के लिए हर महीने मेंटेनेंस चार्ज के रूप में कुछ पैसा देना होता है। ये रकम आमतौर पर दो रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से वसूली जाती है। यानी आपका एक हजार वर्गफिट का फ्लैट है तो आपसे दो हजार रुपये महीने वसूले जाएंगे। खास बात ये है कि बिल्डर आपसे एक साल का मेंटेनेंस चार्ज एक साथ वसूलता है। यानी घर में एंट्री से पहले आपको 24 हजार रुपये और इसपर सर्विस टैक्स अलग देना होगा।

अन्य चार्जः पावर बैक अप, गैस पाइप लाइन कनेक्शन, आरओ या वाटर प्यूरीफायर, सिक्योरिटी, सीसीटीवी, मच्छररोधी जाली आदि के चार्ज भी बिल्डर आपसे अलग से वसूल सकता है। यदि आपने कोई पीएलसी (जैसे पार्क फेसिंग, रोड फेसिंग, कोर्नर फ्लैट) ले रखी है तो उसके पैसे भी मूल कीमत से अलग से वसूले जाएंगे। कुल मिलाकर 30 लाख का बताकर बेचा गया फ्लैट आपको 35 लाख रुपये का पड़ता है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत इस बात की होती है कि इस अतिरिक्त पांच लाख रुपये में से अधिकांश को बैंक फाइनेंस नहीं करते। यानी ये रकम आपको खुद ही जुटाकर बिल्डर को देनी होती है तब कहीं जाकर होता है आपका गृह प्रवेश।
First published: October 4, 2016
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर