बिल्डर पर नहीं रहेगी फंड की कमी, रफ्तार भरेंगे अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट

News18India.com
Updated: June 21, 2016, 4:48 PM IST
बिल्डर पर नहीं रहेगी फंड की कमी, रफ्तार भरेंगे अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट
देश के अलग-अलग हिस्सों में रियल इस्टेट के कई प्रोजेक्ट अभी अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। कंपनियों के पास उन्हें पूरा करने के लिए पैसा नहीं है। कर्ज आसानी से मिलता नहीं है।
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Updated: June 21, 2016, 4:48 PM IST
नई दिल्ली। सालों पहले बुक कराने के बावजूद अब तक घर न मिलने और प्रोजेक्ट के अंडर कंस्ट्रक्शन रह जाने से यहां-वहां भटक रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने ऐसा कदम उठाया है जिसके चलते रियल इस्टेट कंपनियों की फंड की दिक्कत कम हो सकती है और उनके अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ सकते हैं। दरअसल सेबी ने अपनी बोर्ड बैठक में रियल इस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यानि रीट के नियमों में ढील देते हुए 20 फीसदी निवेश के लिए कंसल्टेशन पेपर जारी किया है।

गौरतलब है कि अब तक रीट को पहले से तैयार या किराये के लिए उठाए गए प्रोजेक्ट में पैसा लगाने की इजाजत थी। अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में वे पैसा लगा सकते थे लेकिन महज 10 फीसदी। अब सेबी इस 10 फीसदी की सीमा को बढ़ाकर 20 फीसदी करना चाहता है। इसके लिए उसने संबंधित पक्षों की राय मांगी है। अगर सेबी की ये योजना परवान चढ़ी तो नगदी की किल्लत झेल रहे रियल इस्टेट सेक्टर के लिए ये किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।

देश के अलग-अलग हिस्सों में रियल इस्टेट के कई प्रोजेक्ट अभी अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। कंपनियों के पास उन्हें पूरा करने के लिए पैसा नहीं है। कर्ज आसानी से मिलता नहीं है। रीट भी महज 10 फीसदी पैसा दे सकता था लेकिन अब प्रस्ताव है कि रीट 20 फीसदी तक पैसा अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में निवेश कर सके। इससे बिल्डर कंपनियों की पूंजी की दिक्कत दूर होगी और प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ेंगे।

सेबी ने एक और महत्वपूर्ण फैसला ये भी लिया है कि कंपनियों में निवेश के लिए जो स्पॉन्सर आते थे अब तक उनकी सीमा तीन तक निर्धारित थी लेकिन अब सेबी ने निर्णय लिया है कि तीन की बजाय पांच स्पॉन्सर बन सकते हैं। माना जा रहा है कि सहमति बनी तो मार्च 2017 यानी अगले वित्तीय वर्ष से रीट रियल इंस्टेट सेक्टर के लिए बड़ा मददगार बनकर उभर सकता है।
First published: June 21, 2016
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