सस्ते, सुहाने हवाई सफर के लिए करना होगा इंजतार, नए नियम लागू करना इतना आसान नहीं!

Updated: July 3, 2016, 12:20 AM IST
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नई दिल्ली। हवाई सफर को सस्ता बनाने के मकसद से बनाई गई रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम लागू होने में काफी वक्त लग सकता है। इस पॉलिसी का शनिवार को ड्राफ्ट जारी हुआ है। इसमें कई ऐेसी बातें हैं जिनको लागू करना आसान नहीं होगा।

रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के ड्राफ्ट में कहा गया है कि 200-800 किलोमीटर की हवाई यात्रा पर ही स्कीम लागू होगी। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम का नियम सिर्फ छोटे विमानों पर लागू होगा, लेकिन बताना चाहेंगे कि ज्यादातर एयरलाइंस के पास छोटे विमान नहीं हैं। वहीं 2500 रुपये में हवाई यात्रा चुनिंदा रूट्स पर 500 किलोमीटर के लिए होगी। 2500 रुपये में हवाई यात्रा के लिए सरकार सिर्फ 3 साल के लिए ही सब्सिडी देगी।

सस्ते, सुहाने हवाई सफर के लिए करना होगा इंजतार, नए नियम लागू करना इतना आसान नहीं!
हवाई सफर को सस्ता बनाने के मकसद से बनाई गई रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम लागू होने में काफी वक्त लग सकता है। इस पॉलिसी का शनिवार को ड्राफ्ट जारी हुआ है। इसमें कई ऐेसी बातें हैं जिनको लागू करना आसान नहीं होगा।

रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के ड्राफ्ट में ये भी बताया गया है कि केंद्र और राज्य को भी एयरलाइंस को टैक्स में छूट देनी होगी। केंद्र सरकार वैट और सर्विस टैक्स में 2 फीसदी की छूट देगी, जबकि राज्य सरकार एटीएफ पर वैट 1 फीसदी घटाएंगे।

First published: July 3, 2016
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