इन VIDEO को देखकर आप भी कहेंगे, हां तब बहुत याद आई मुझे मां

Jyoti Yadav
Updated: May 14, 2017, 8:12 AM IST
इन  VIDEO को देखकर आप भी कहेंगे, हां तब बहुत याद आई मुझे मां
हमें हर दिन ही अपनी मां का शुक्रगुज़ार होना चाहिए कि वो हमें इस दुनिया में लेकर आई.
Jyoti Yadav
Updated: May 14, 2017, 8:12 AM IST
आज मदर्स डे है. मातृत्व को सेलिब्रेट करने का दिन. हमारी मां को शुक्रिया कहने का दिन. वैसे तो हर दिन ही मदर्स डे होना चाहिए. हमें हर दिन ही अपनी मां का शुक्रगुज़ार होना चाहिए कि वो हमें इस दुनिया में लेकर आई. लेकिन आज का दिन हमारी माओं के लिए बेहद खास है. और इस खास दिन पर आप देखिए पांच इमोशनल ऐड. साथ में अपनी मां को भी दिखाए.

मां, एक ऐसा शब्द जो हमें मिर्ची लगे तो याद आता है. बुढ़ापे में कमर दर्द के मारे उठा न जाए, तब भी याद आता है. झूलों से गिर गए तो मां याद आई. हर दर्द और चोट में हम मां को ही याद करते हैं. हमारी जिंदगी की पहली डॉक्टर हमारी मां के लिए ये ऐड.



अपनी जरूरतों को कभी पूरा नहीं करती. हमेशा हमारी फ़िक्र में डूबी रहती है. हमारे सारे नखरे झेलती है. एक दिन हम उसी मां की डांट से तंग आकर कर कहीं दूसरे शहर पहुंच जाते हैं. फिर अकेले रहते हुए मैगी पर ही जिंदगी बसर करने लगते हैं. इसी बीच हमें मां का सारा दुलार याद आता है. और फिर किसी छुट्टी के दिन हम मां की गोद में वापिस भाग आते हैं.



खुद मां-बाप बनकर हम अपने बच्चों में इतना खो जाते हैं कि हमें याद ही नहीं रहता कि हमारे भी माता-पिता हैं. उनके स्कूल, उनके फ्रेंड्स और उनकी बर्थडे पार्टियों में व्यस्त होकर हम भूल ही जाते हैं कि हम भी किसी के बच्चे हैं. एक मां और उसके बेटे के रिश्ते पर बना यह विज्ञापन :



बचपन में हर चीज़ मां ने सिखाई. पहली बार चलना भी और बाबा और मां के नाम बोलना भी. स्कूल जाने से पहले एबीसीडी सिखाई और कॉलेज जाने से पहले दुनिया की समझ. फिर जब हम बड़े हो जाते हैं तो मां को कंप्‍यूटर सिखाने से जी चुराते हैं. उन्हें मोबाइल पर ऐप डाउनलोड करना नहीं सिखा पाते हैं.



अपनी मां की बच्ची होने से लेकर खुद की बच्ची होने तक का रास्ता बहुत बड़ा होता है. इस रास्ते में मां अपनी बेटी के साथ हर वक़्त खड़ी रहती है. उसे पहली बार पीरियड्स होने से लेकर उसके मां बनने तक. देखिए कैसे :

First published: May 14, 2017
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