डॉक्टर की जगह ज्योतिषी के इलाज मामले में नया टि्वस्ट, हेल्थ मिनिस्टर को भी आया गुस्सा

Makarand Kale | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 5:14 PM IST
डॉक्टर की जगह ज्योतिषी के इलाज मामले में नया टि्वस्ट, हेल्थ मिनिस्टर को भी आया गुस्सा
सांकेतिक तस्वीर
Makarand Kale | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 5:14 PM IST
'एमपी अजब है, सबसे गजब है' यह स्लोगन भले ही मध्य प्रदेश में पर्यटकों लुभाने के लिए बनाया गया हो, मगर वाकई में यह प्रदेश अजब और गजब है, तभी तो राज्य में शिक्षा विभाग के तहत आने वाली संस्कृत संस्थान अब ज्योतिषी और वास्तुविद के जरिए मरीजों के इलाज का दावा कर रही है.

हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़ा संस्थान कैसे मरीजों का इलाज कर सकता है.

दरअसल, प्रदेश का पतंजलि संस्कृत संस्थान एक नए प्रयोग को लेकर विवादों में है. लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियों को हल करने के लिए संस्थान ज्योतिष और वास्तु की ओपीडी लगाने जा रहा है. ये ओपीडी सितंबर महीने से शुरु होगी और इसकी फीस 5 रुपए होगी.

संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर प्रशांत डोलास का कहना है कि प्राचीन पद्धति से मरीजों को ठीक किया जाना संभव है. लोगों की अनिद्रा और डिप्रेशन सरीखी परेशानियों का इलाज एक ज़माने में इसी से किया जाता था. योग की तरह ज्योतिष पद्धति भी एक तरह का विज्ञान है जिससे समस्या के समाधान के लिए परामर्श दिया जाएगा.

हालांकि, ज्योतिषी से इलाज मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रबंधन बैकफुट पर है. अब उसका दावा है कि ये ओपीडी नहीं बल्कि एक परामर्श केंद्र की तरह काम करेगा.

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने इस तरह की ओपीडी से खासी नाराज़गी जताई है. रुस्तम सिंह के मुताबिक ये संस्थान स्वास्थ्य विभाग से संबंद्ध नहीं है. ऐसे में वो इस तरह का इलाज कैसे कर सकता है.

रुस्तम सिंह के मुताबिक उन्हें इस तरह के केंद्र की कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि संस्थान शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करता है, तो वो कैसे किसी मरीज का इलाज कैसे कर सकता है.
First published: July 17, 2017
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