शिवराज का 'सचिन तेंदुलकर' 99 पर आउट

manoj khandekar | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 7:31 PM IST
शिवराज का 'सचिन तेंदुलकर' 99 पर आउट
फाइल फोटो: नरोत्तम मिश्रा
manoj khandekar | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 7:31 PM IST
मध्यप्रदेश में व्यापमं घोटाले के बाद जब भी सत्ता परिवर्तन की चर्चा जोर पकड़ने लगती है, तो मुख्यमंत्री की रेस में शामिल नेताओं में नरोत्तम मिश्रा का नाम भी एक रहा है. शिवराज सरकार के संकटमोचक के रूप में पहचान बनाने वाले नरोत्तम मिश्रा अब खुद संकट में हैं.

पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग ने नरोत्तम मिश्रा को अयोग्य ठहराते हुए तीन साल तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके नरोत्तम को हर जगह निराशा ही हाथ लगी है.

सत्ता की बिसात पर नरोत्तम मिश्रा की 'बल्लेबाजी' से खुद सीएम शिवराज उन्हें अपनी कैबिनेट का 'तेंदुलकर' कहते हैं. सरकार के प्रवक्ता के साथ-साथ सदन में संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व और जनसंपर्क विभाग के साथ जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी निभाने वाले नरोत्तम शतक यानी मुख्यमंत्री पद के करीब पहुंचकर भी चूक गए.

विधानसभा में प्रवेश की अनुमति भी नहीं

पिछले सप्ताह की ही बात है जब नरोत्तम दावा कर रहे थे कि वह हर हाल में राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करेंगे. सोमवार को मतदान करना तो दूर नरोत्तम को अब विधानसभा में प्रवेश की अनुमति भी नहीं है.

मुश्किल वक्त में पार्टी आधिकारिक तौर पर बयानों के जरिए तो नरोत्तम के साथ खड़ी दिख रही है, लेकिन कानूनी लड़ाई में नरोत्तम अकेले ही जुझते हुए नजर आ रहे हैं. दिल्ली, ग्वालियर और जबलपुर के चक्कर लगाने के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया, जब वकीलों की हड़ताल के चलते नरोत्तम को कोर्ट में खुद अपनी पैरवी करनी पड़ी.

व्यापमं मामला, सिंहस्थ घोटाला, शिवराज सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव या फिर धार में भोजशाला विवाद. नरोत्तम मिश्र हर वक्त सरकार के लिए 'संकट मोचक' की भूमिका में नजर आए. सदन से लेकर सियासत की हर बिसात पर नरोत्तम ने अपनी 'बल्लेबाजी' से विपक्ष के छक्के छुड़ा दिए.

अब वह खुद मुसीबत में हैं और उनकी वजह से पार्टी को भी विपक्षी हमले झेलना पड़ रहा है. ऐसे में शिवराज सरकार पर उन्हें लेकर कोई फैसला लेने का दबाव है. हालत यह हो गई है कि संकट मोचक पर संकट आया तो उन्हें इस संकट से उबारने का कोई रास्ता फिलहाल सत्तारूढ़ पार्टी को नजर नहीं आ रहा है.

कौन हैं नरोत्तम मिश्रा?

-नरोत्तम मिश्रा का जन्म 15 अप्रैल, 1960 को ग्वालियर में हुआ था.
-वर्ष 1977-78 में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के छात्रसंघ के सचिव.
-वर्ष 1978-80 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य.
-1985-87 में भाजपा की प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य.
-वर्ष 1990 में नौवीं विधान सभा के लिए पहली बार सदस्य निर्वाचित हुए.
-1990 में विधान सभा में सचेतक.
-वर्ष 1998 में दूसरी बार तथा वर्ष 2003 में तीसरी बार विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए.
- एक जून, 2005 को मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री के रूप में शामिल हुए.
-बाबूलाल गौर की जगह शिवराज के सत्ता संभालने के बाद नरोत्तम का राजनीतिक कद बढ़ता गया और अब तो उन्हें सरकार में 'नंबर दो' का रूतबा हासिल है.
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर