मंडला के कान्हा नेशनल पार्क से शिफ्ट किए गए 138 चीतल

Vijay Mandla | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 7:17 PM IST
मंडला के कान्हा नेशनल पार्क से शिफ्ट किए गए 138 चीतल
138 चीतलों को किया गया शिफ्ट
Vijay Mandla | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 7:17 PM IST
मंडला के कान्हा नेशनल पार्क में एकबार फिर 138 चीतलों को अलग-अलग स्थानों पर सफलतापूर्वक शिफ्ट किया गया है. हालांकि इस बार चीतल शिफ्टिंग के दौरान 4 चीतलों की मौत की खबर को पार्क प्रबंधन सामान्य घटना बता रहा है.

दुनिया भर में मशहूर कान्हा नेशनल पार्क में चीतलों की संख्या 30 हजार से भी अधिक है लिहाजा पार्क प्रबंधन चीतलों को उन जगहों पर शिफ्ट कर रहा है जहां सालों पहले कभी इंसानों की बस्ती हुआ करती थी. पार्क विस्तार के दौरान भैसानघाट, साजालगान, अजानपुर सहित करीब 8 गाँवों को विस्थापित कर पौधारोपण किया गया था जो अब जंगल में तब्दील चुके हैं. सबसे खास बात यह है कि चीतलों को शिफ्ट करने के लिये पार्क प्रबंधन द्वारा बोमा पद्धत्ति का प्रयोग किया जाता है जिसके तहत चीतलों को बिना स्पर्श किए बेहद सावधानी से रेस्क्यू वाहन में चढ़ाया जाता है और चीतलों को उनके अनुकूल वातावरण में छोड़ दिया जाता है.

पार्क संचालक की माने तो कान्हा नेशनल पार्क में बाघों के घनत्व में लगातार इजाफा हो रहा है. इसके चलते वर्चस्व को लेकर बाघों के बीच खूनी संघर्ष होता है. जिसके कारण बाघ की मौत तक हो जाती है. चीतल, बाघ का पसंदीदा भोजन होता है और इसे ध्यान में रखते हुये चीतलों को पूर्वी इलाके के खाली जंगलों में शिफ्ट किया जा रहा है. जिससे वर्चस्व को लेकर बाघों की आपसी लड़ाई की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा और बाघ यहां आसानी से सर्वाइव करने में कामयाब भी हो सकेंगे.

गौरतलब है कि पार्क प्रबंधन द्वारा करीब एक साल में अब तक 1450 चीतलों को सफलतापूर्वक अलग अलग स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है जोकि पार्क प्रबंधन के ऐक्टिव मैनेजमेंट की बड़ी उपलब्धियों शुमार है.
First published: July 17, 2017
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