मनरेगा योजना के नाम पर गांव के सचिवों ने लाखों का किया घोटाला

Ashok Agrawal | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 12:45 PM IST
मनरेगा योजना के नाम पर गांव के सचिवों ने लाखों का किया घोटाला
मनरेगा योजना के नाम पर खुलेआम घोटाला
Ashok Agrawal | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 12:45 PM IST
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मनरेगा योजना के नाम पर खुलेआम फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है. केंद्र सरकार की मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना का जरूरतमंद ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है. बल्कि इस योजना को चलाने वाले लोग इसे फर्जी ढंग से चलाने में लगे है.

मनरेगा योजना के तहत पिछोर इलाके के पंचायत के सचिव और सहायक सचिव ने गांव वालों के साथ धोखाधड़ी किया है. दरअसल सचिवों ने कागजातों पर मिलकर तालाब मरम्मत की कार्य दिशा के लिए ग्रामिणों को रोजगार देने का मामला तो बना दिया. लेकिनअसल में उन्हें कोई रोजगार नहीं दिया गया. जब सचिवों की काली करतूत ग्रामीणों के सामने आई. तब गांव के सरपंन ने एसडीएम और कलेक्टर को शिकायत की. लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक इन भ्रष्ट सचिवों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

सरपंच का कहना है कि सचिव और सहायक सचिव ने फर्जी ढंग से ग्रामीणों की मजदूरी बताकर  तालाब मरम्मत की कार्य दिशा में दो लाख रुपए से ज्यादा की राशि निकाली है.

वहीं गांव वालों का कहना है कि मशकपुरा के तालाब के लिए इस साल कोई काम नहीं किया गया है. वहीं गांव की महिलाओं ने बताया कि वह घर चलाने के लिए खेती-बाड़ी करती है, इस साल वो तालाब के लिए कोई काम करने नहीं गई हैं.
First published: July 17, 2017
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