ना पार्टी बनाऊंगा, ना ही चुनाव लड़ूंगा: अन्ना

News18India
Updated: July 28, 2012, 8:31 AM IST
ना पार्टी बनाऊंगा, ना ही चुनाव लड़ूंगा: अन्ना
अन्ना ने कम भीड़ जुटने का बचाव करते हुए कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि भीड़ नहीं दिखाई देती है जंतर मंतर पर। बात ये है कि आपको देखने की दृष्टि नहीं है। जिस कलर का चश्मा है उसी कलर का जग नजर आता है।
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Updated: July 28, 2012, 8:31 AM IST
नई दिल्ली। जंतर मंतर पर जाने माने समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर हुंकार भरते हुए कहा कि जब तक लोकपाल नहीं आएगा वो संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने साफ किया कि ना तो वो कोई चुनाव लड़ेंगे और ना ही पार्टी बनाएंगे। हालांकि उन्होंने ऐसे लोगों को चुनकर चुनाव लड़ने में समर्थन करने का ऐलान किया जिनकी छवि साफ हो।

अन्ना ने कहा कि बार-बार अनशन इसलिए करते हैं क्योंकि जीवन का ध्येय निश्चित हुआ। पहला धोखा या ड्रॉफ्टिंग कमिटी ने, दूसरा धोखा दिया स्टैंडिंग कमेटी ने और तीसरा धोखा दिया संसद ने। अन्ना ने कहा कि जब तक लोकपाल नहीं आएगा और शरीर में प्राण हैं, हम लड़ते रहेंगे। उन्होंने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसीलिए उन्हें बार-बार अनशन करना पड़ रहा है।

अन्ना ने कम भीड़ जुटने का बचाव करते हुए कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि भीड़ नहीं दिखाई देती है जंतर मंतर पर। बात ये है कि आपको देखने की दृष्टि नहीं है। जिस कलर का चश्मा है उसी कलर का जग नजर आता है। उन्होंने कहा कि देश के 400 जिलों में ये मूवमेंट जारी है। जिन लोगों की जरूरत है वो यहां हैं। एक दिन सरकार को लोकपाल बिल लाना ही पड़ेगा।
राजनीतिक विकल्प देने के सवाल पर अन्ना ने कहा कि लोग कहते हैं कि आपको विकल्प देना पड़ेगा। मैं उनको कहता हूं कि मैं मंदिर में रहता हूं, लोग एक इलेक्शन के लिए करोड़ों खर्च करते हैं, एक फकीर आदमी इतना बड़ा खर्चा कैसे करेगा। अन्ना ने साफ किया कि वो इलेक्शन में खड़े नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वो कोई पार्टी नहीं बनाएंगे।

अन्ना ने कहा कि अगर जिंदा रहा तो पूरे देश में घूमूंगा। ऐसे लोगों को ढूंढूंगा जो अच्छे हैं, चरित्रवान हैं। ऐसे लोगों का नाम जब आएगा तो उन्हें नेट पर डाल देंगे और लोगों से पूछेंगे कि इनमें से कौन अच्छा है। हम उनको क्रॉसचैक करेंगे और कहेंगे कि इलेक्शन में खड़े हो। फिर हम उसका प्रचार करेंगे। देश का भविष्य, बीजेपी और कांग्रेस में नहीं है।

First published: July 28, 2012
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