टीम अन्ना का अनशन खत्म, राजनीतिक विकल्प की घोषणा

News18India
Updated: August 3, 2012, 4:07 PM IST
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नई दिल्ली। अन्ना हजारे ने अपने तीन सहयोगियों के साथ अनशन खत्म करने के बाद स्वच्छ एवं भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने के लिए राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने की बात कही। हजारे और उनके तीन सहयोगियों ने शुक्रवार को पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह की मौजूदगी में नारियल पानी पीकर अपना अनशन खत्म किया।

उन्होंने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन अपने साथियों को समर्थन अवश्य देंगे। हजारे ने कहा कि मैं यात्राएं करना जारी रखूंगा। लोगों के पास राजनीतिक विकल्प के लिए जाऊंगा। अगर लोग जागरूक हुए तो हम राजनीतिक विकल्प के विषय में सोचेंगे।

जंतर मंतर पर उन्होंने कहा कि यदि नागरिक समाज द्वारा बनाया गया लोकपाल विधेयक पारित हो गया होता तो इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में बड़ा प्रभाव पड़ता। हजारे ने कहा कि यदि जनलोकपाल विधेयक लागू हो गया होता तो मैं नहीं कहता कि इससे 100 फीसदी भ्रष्टाचार खत्म हो गया होता लेकिन 65 फीसदी जरूर खत्म हो गया होता। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय, मनीष सिसौदिया ने जहां 25 जुलाई से अपना अनशन शुरू किया था वहीं अन्ना हजारे ने 29 जुलाई से अनशन शुरू किया।

केजरीवाल ने प्रस्तावित राजनीतिक विकल्प पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कोई दल नहीं बल्कि एक 'आंदोलन' होगा। केजरीवाल ने धरना स्थल जंतर मंतर पर उपस्थित लोगों से कहा कि हमारा उद्देश्य सत्ता हथियाना नहीं है। हम दिल्ली केंद्रित सरकार को खत्म करना और सरकार को गांवों में और लोगों के पास ले जाना चाहते हैं। हमारा स्वरूप एक राजनीतिक दल का न होकर आंदोलन का होगा।

25 जुलाई से अनशन कर रहे केजरीवाल ने कहा कि इस दल में कोई भी पार्टी हाईकमान नहीं होगा और जनता उम्मीदवारों का चयन करेगी। हम पूरे देश की यात्रा करेंगे और लोगों से मिलेंगे। जनता घोषणा पत्र बनाएगी। हमारा ढांचा आंदोलन की तरह होगा या फिर जनता जैसा चाहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है बल्कि सभी राजनीतिक दलों को चुनौती देना भी है।" केजरीवाल के अनुसार वे लोग अपने आंदोलन को संसद से लेकर गलियों तक में ले जाएंगे।

टीम अन्ना के इस प्रमुख सदस्य ने कहा कि कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जो सदस्य अपने दल में यदि घुटन महसूस करते हैं तो वे उनके 'देशभक्त आंदोलन' में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगले तीन सालों में भारत बदल जाएगा।


First published: August 3, 2012
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