अन्ना का अनशन टूटा तो इनपर टूटी मुसीबत

वार्ता
Updated: August 4, 2012, 1:11 PM IST
अन्ना का अनशन टूटा तो इनपर टूटी मुसीबत
समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन टूटने से पिछले करीब दस दिनों से झंडे और अन्ना टोपी बेचकर गुजारा करने वाले मजदूर एवं महिलाएं घोर निराशा में हैं।
वार्ता
Updated: August 4, 2012, 1:11 PM IST
नई दिल्ली। समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन टूटने और उनके राजनीति में जाने के फैसले से भले ही कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक पार्टियां एवं अन्ना विरोधी खुशियां मना रहे हों लेकिन पिछले करीब दस दिनों से झंडे और अन्ना टोपी बेचकर गुजारा करने वाले मजदूर एवं महिलाएं घोर निराशा में हैं।

25 जुलाई को टीम अन्ना एवं उनके समर्थकों का अनशन शुरू होने के बाद से ही बच्चे एवं महिलाएं जंतर-मंतर के आसपास झंडे, अन्ना टोपी, बैनर आदि बेच कर कुछ पैसे कमा रहे थे, लेकिन अब उनके सामने भीख मांगने और कूड़ा बीनने जैसे पहले के कामों पर लौटने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह गया है।

पिछले साल तीन जून को रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के 12 दिन तक चले अनशन के दौरान भी इन्हें रोजगार का नया जरिया मिला था। उस समय रामलीला मैदान के आसपास सैकड़ों बच्चों, महिलाओं और गरीब लोगों को झंडे, बैनर और अन्ना टोपी बेचने का काम मिला था।
First published: August 4, 2012
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