हर शाम गीतिका को जाना होता था कांडा से मिलने

News18India
Updated: August 14, 2012, 9:07 AM IST
News18India
Updated: August 14, 2012, 9:07 AM IST
नई दिल्ली। एयरहोस्टेस गीतिका की खुदकुशी के नौवें दिन दिल्ली की एक अदालत में सरकारी वकील ने जो कुछ बताया, उससे आपको कांडा का असली चेहरा नजर आने लगेगा। ये तो सबने सुना कि खुदकुशी के बाद कांडा ने किस तरह से खुद को बेकसूर बताते हुए मीडिया के सामने बताया था कि दो महीने से वो गीतिका से मिला ही नहीं और न ही उससे बातचीत की। कांडा ने ये भी कहा था कि कंपनी के कर्मचारियों से उसका कोई सीधा मतलब नहीं होता। गीतिका भी सिर्फ अपने सीनियर अधिकारियों के संपर्क में रहती थी। लेकिन अब गीतिका के अप्वाइंटमेंट लेटर की जो बातें सामने आई हैं उससे कांडा के चेहरे पर छिपा पर्दा हटने लगा है।

दरअसल गीतिका को दोबारा नौकरी पर रखते हुए कांडा ने गीतिका के सामने जो शर्तें रखीं उससे पुलिस के भी होश उड़ गए। पुलिस के मुताबिक इन शर्तों में एक शर्त ये भी था कि गीतिका रोज शाम को काम खत्म करने के बाद गोपाल कांडा से मिलेगी। गीतिका ने महज 23 साल की उम्र में जनवरी 2011 में दोबारा एमडीएलआर कंपनी ज्वाइन की, वो भी कंपनी डायरेक्टर के तौर पर। इस दौरान गीतिका को एक अप्वाइंटमेंट लेटर पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।

कागजात में बाकी शर्तें तो सामान्य थीं लेकिन इन्हीं में से एक शर्त चौंकाने वाली थीं। शर्त के मुताबिक गीतिका को हर रोज गोपाल कांडा को रिपोर्ट करना था। वो भी अप्वाइंटमेंट लेटर के नियमों के मुताबिक शाम में। यानी हर रोज काम खत्म करने के बाद शाम को गीतिका को गोपाल कांडा से मिलना था। जरा सोचिए कि एक महिला कर्मचारी के साथ कांडा के इस करार का क्या मकसद था। वो भी शाम के समय।

गीतिका के साथ नौकरी की शर्त चौंकाने वाली इसलिए भी है क्योंकि गोपाल कांडा कई कंपनियों के मालिक होने के साथ ही उस समय हरियाणा सरकार में गृह राज्य मंत्री भी थे यानी तमाम कंपनियों की देखरेख के अलावा पूरे राज्य की जिम्मेदारी भी कांडा के कंधों पर थी।

सवाल ये है कि आखिर कांडा कैसे एक साथ अपनी कंपनियों और मंत्री की जिम्मेदारी को मैनेज कर रहे थे? आखिर क्यों हर रोज वो अपनी कंपनी की एक महिला कर्मचारी से शाम के वक्त ही मिलना चाहते थे? अगर कांडा को अपनी कंपनी की रिपोर्ट ही लेनी थी तो वो दिन में कभी भी ले सकते थे। शर्तों में शाम का वक्त ही क्यों थोपा गया? अगर इस शर्त को गीतिका के सुसाइड लेटर से जोड़कर देखें तो सब कुछ आइने की तरह साफ हो जाएगा। गीतिका ने खुदकुशी से पहले जो सुसाइड लेटर लिखा उसमें उसने सीधे सीधे कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।

गीतिका ने लिखा कि गोपाल कांडा एक फ्रॉड है और हमेशा लड़कियों के प्रति गलत नजर रखता है। उसकी आदत लड़कियों को प्रताड़ित करने की है। वो हमेशा लड़कियों की ताक में रहता है। मैंने अपनी जिंदगी में उससे बेशर्म इंसान नहीं देखा। वो हमेशा झूठ बोलता है - गीतिका शर्मा।

गीतिका के साथ गोपाल कांडा ने जिस तरह का करार करवाया वो अब सवालों के घेरे में है। सवाल ये है कि क्या करार के बहाने कांडा गीतिका को परेशान कर रहा था? क्या हर शाम कांडा गीतिका के साथ बदसलूकी करता था? क्या इस करार की वजह से ही गीतिका कांडा की ज्यादतियां सह रही थी?
First published: August 14, 2012
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर