असम में फिर भड़की हिंसा, बेकाबू भीड़ पर फायरिंग

News18India
Updated: August 16, 2012, 6:45 AM IST
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Updated: August 16, 2012, 6:45 AM IST
नई दिल्‍ली। बैंगलोर से मची अफवाह और फिर नॉर्थ ईस्ट के लोगों के पलायन के बीच एक बार फिर से पूर्वोत्तर राज्य असम में हिंसा फैलने की खबर आ रही है। यह खबरें एक ऐसे वक्त में आई हैं जब बैंगलोर में अफवाहों के गर्म बाजार के बीच केंद्र सरकार असम के लोगों के पूरे देश में सुरक्षित होने की बात कह चुकी है। ताजा हिंसा असम के बक्‍शा और कामरूप जिलों में हुई है जहां बसों आग के हवाले कर दिया गया है। भीड़ काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को फायरिंग तक करनी पड़ी।

बक्सा और कमरूप (देहात) जिलों में हुई ताजा हिंसा में अज्ञात दंगाइयों ने कार, बास और एक लकड़ी के पुल को आग के हवाले कर दिया है। लोअर असम में स्थित बक्सा बोडोलौंड क्षेत्रीय स्वायत्त जिले के अंतर्गत आता है। बक्सा उन सभी हालिया दंग्रास्त जिलों में से एक है जहां बोडो और अल्पसंख्यकों के बीच हिंसा हुई थी। हिंसा में अब तक 77 लोगों की जानें जा चुकी हैं जबकि साढ़े चार लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए है। इन दंगों के बाद हजारों परिवार शरणार्थी शिविरों में शरण लिए हुए हैं। इस हिंसा की आग में मुंबई तक झुलस चुकी है।

गौरतलब है कि बीती रात की हिंसा में, बक्सा के गांधीबाड़ी में कार को जला दिया गया। कार में सवार ड्राइवर सहीदुल हुसैन हादसे के बाद से ही लापता है। कार बक्सा से पास के जिले कामरूप (देहात) में रांगिया में आ रही थी। जैसे ही खबर रांगिया पहुंची, गुस्साए स्थानीय नागरिकों ने आज सुबह एनएच 31 को उडियाना चौक के पास जाम कर दिया।

जाम के वक्त कुछ लोगों ने गुवाहाटी के भाटकुछी जा रही बस को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही केकाहटी में एक लकड़ी का पुल भी उनके निशाने पर आया। दोनों ही जगहें रांगिया पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आती हैं।

अंत में बेकाबू भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। फायरिंग के बात तितरबबितर हुई भीड़ फिर से हिंसात्मक हो गई। इलाके में अभ भी तनाव व्याप्त है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
First published: August 16, 2012
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