सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिक पाएगा प्रमोशन में आरक्षण!

News18.com

Updated: August 25, 2012, 8:34 AM IST
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नई दिल्ली। अटॉर्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती ने नौकरी पदोन्नति में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण पर कानून मंत्रालय को लिखा है कि प्रस्ताव कानूनी तौर पर संभव नहीं है। सूत्रों का कहना है कि वाहनवती ने विधि मंत्रालय से कहा है कि पदोन्नति में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किया जा सकता है।

सरकार जॉब प्रमोशन में एससी-एसटी के लिए आरक्षण के पक्ष में है। 21 अगस्त की सर्वदलीय बैठक के बाद पीएमओ के राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा था कि सरकार इसके लिए संविधान संशोधन के लिए भी तैयार है।

सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिक पाएगा प्रमोशन में आरक्षण!
अटॉर्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती ने नौकरी पदोन्नति में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण पर कानून मंत्रालय को लिखा है कि प्रस्ताव कानूनी तौर पर संभव नहीं है।

हालांकि नारायणसामी ने ये भी कहा कि इस कोटे के अनुपालन के लिए कोई समयसीमा तय नहीं है। सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि सरकार जॉब प्रमोशन में एससी-एसटी के आरक्षण के लिए जल्द ही विधि सम्मत संशोधन लेकर आएगी।

इस कदम का समर्थन करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से पहले से कह रही है कि वह प्रमोशन में आरक्षण प्रदान करने के लिए संविधान में संशोधन करे।

बैठक में लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने भी सरकार से अनुरोध किया है कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के नौकरियों में आरक्षण के लिए एक बिल लाए। हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार के विपक्षी समाजवादी पार्टी ने दावा किया है कि प्रस्तावित बिल केवल मौजूदा असमानता को बढ़ाएगा।

First published: August 25, 2012
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