CAG के लपेटे में सेना, रक्षा सौदों में हुई देरी पर खरी-खरी!

News18India
Updated: November 30, 2012, 2:47 AM IST
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नई दिल्ली। तमाम घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों से पर्दा उठाने वाले सीएजी ने सेना की नीयत पर संगीन सवाल खड़े कर दिए हैं। संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने मुंबई के कांदिवली में सेना की जमीन को निजी बिल्डर को दिए जाने पर हैरत जताई है। सीएजी ने रक्षा सौदों में हुई देरी पर भी खरी-खरी सुनाई।

मुंबई के कांदिवली की ये बेशकीमती जमीन सेना ने जानते-बूझते लुटवा दी। संसद में गुरुवार को पेश अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने सेना को कठघरे में खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक गलत अनापत्ति प्रमाणपत्र देकर सेना ने सुरक्षा के साथ समझौता किया। मुंबई स्थित केंद्रीय आयुध भंडार ने राज्य प्रशासन से मिली जमीन अपने नाम पर नहीं करवाई। ये जमीन 1942 से सेना के पास थी, लेकिन उसे निजी बिल्डर को रिहायशी परियोजना के लिए दे दिया गया।

सीएजी ने रक्षा सौदों में हुई देरी पर भी सवाल उठाए हैं। सीएजी के मुताबिक जो सौदे देरी के साथ पूरे भी होते हैं, उनमे नियमों की अनदेखी की जाती है। सीएजी के मुताबिक पिछले पांच साल में हुई रक्षा खरीद में ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट की जमकर अनदेखी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक 2007 से 2011 के बीच 16 ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट किए गए। इसके तहत जिन कंपनियों को ठेका दिया गया उन्हे ठेके की कीमत का 30 फीसदी भारत में निवेश करना था। लेकिन इनमें से 5 कॉन्ट्रैक्ट में ऐसा नहीं किया गया।

रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार रक्षा तैयारियों को लेकर गंभीर नहीं है। रक्षा मामलों में तैयारी होनी चाहिए। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। लेकिन जिस तरह चीन ताकतवर हो रहा, क्या उसके मुकाबले को हम भी तैयार हैं? आज जो सवाल सामने आए हैं उन सभी पर रक्षा मंत्री को जवाब देना चाहिए। सरकार को तुरंत इस सीएजी की रिपोर्ट पर कुछ करना चाहिए।

रिपोर्ट में एयरफोर्स और नेवी के लिए जरुरी साजो सामान की खरीद में हुई देरी का भी जिक्र है। सीएजी के मुताबिक 521 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद भारतीय वायुसेना को आधुनिक रडार सिस्टम मिलने में 7 साल की देर हुई।
देरी के बाद भी वायु सेना को 336 में से सिर्फ 73 सिस्टम मिल पाए, जिनका प्रदर्शन बहुत खराब था। नेवी को अपनी पनडुब्बियों में नए सिस्टम लगवाने के लिए एक दशक तक इंतजार करना पड़ा। 10 साल बाद भी चार की जगह नेवी को 2 सिस्टम ही मिल पाए।

सीएजी से लगातार परेशान चल रही कांग्रेस ने इस रिपोर्ट पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट देखी नहीं है। बिना देखे टिप्पणी करना सही नहीं है। जब हम देखेंगे तब उस बारे में टिप्पणी करेंगे।

सीएजी ने सरकार को सुझाव दिया है कि रक्षा के मामले में खरीददारी जल्द की जाए। साथ ही रक्षा सौदों की निगरानी व्यस्था भी कड़ी करने की जरुरत है।

First published: November 30, 2012
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