जेल में शशिकला के लिए खोल रखे थे 5 सेल, बुक था पूरा कॉरिडोरः डी रूपा

News18Hindi
Updated: July 18, 2017, 8:54 AM IST
जेल में शशिकला के लिए खोल रखे थे 5 सेल, बुक था पूरा कॉरिडोरः डी रूपा
IPS डी रूपा ने शशिकला को मिलने वाली VIP सुविधाओं का खुलासा किया. (Photo- Twitter/ IPS D Roopa)
News18Hindi
Updated: July 18, 2017, 8:54 AM IST
कर्नाटक सरकार ने एक दिन पहले ही जेल में शशिकला को मिलने वाले वीआईपी ट्रीटमेंट का खुलासा करने वाली पुलिस अधिकारी डी रूपा का ट्रांसफर कर दिया है. उन्होंने AIADMK नेता शशिकला को जेल में मिलने वाली गैरकानूनी सुविधाओं को लेकर एक और रिपोर्ट सबमिट की है.

अपनी रिपोर्ट में इस पुलिस अधिकारी ने आरोप लगाया कि शशिकला के व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए बैरक के पांच सेल खुले रखे गए थे. वहां ताला नहीं लगाया जाता था.

इसके साथ ही रूपा ने कहा, एक पूरा कॉरिडोर शशिकला के लिए रखा गया था, वहां किसी और को जाने की अनुमति नहीं थी.

पिछले सप्ताह डीआईजी डी रूपा की रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया था. इस रिपोर्ट में उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद शिशिकला को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि 2 करोड़ देकर शशिकला ने अपने लिए जेल में अलग से किचन भी बनवाया है.

डी रूपा की रिपोर्ट सामने आने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हाई लेवल इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं. वहीं जेल अधीक्षक एचएसएन राव ने इस तरह की किसी भी रिपोर्ट से इनकार किया है.

सोमवार को राज्य सरकार ने डी रूपा का ट्रैफिक विंग में ट्रांसफर कर दिया. इस पर सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में रूपा ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है. आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही वह कुछ कह पाएंगी.

रूपा के ट्रांसफर को सही बताते हुए सिद्धरमैया ने कहा, “मैं उनका ट्रांसफर क्यों न करूं? यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया है. हर चीज मीडिया को बताना जरूरी नहीं है.”

इस रिपोर्ट को लेकर मीडिया तक जाने को लेकर राज्य सरकार ने रूपा को नोटिस जारी किया है. इस रिपोर्ट की वजह से काफी विवाद पैदा हो गया है. इस पर सिद्धरमैया सरकार ने रूपा से सफाई मांगी है. मुख्यमंत्री ने कहा, "यह पूरी तरह रूल बुक के खिलाफ है.” कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में इनकार किया कि यह ट्रांसफर सजा के तौर पर नहीं किया गया है, “हमारे कुछ नियम हैं. जांच जारी है. किसी अधिकारी को मीडिया के पास जाने की अनुमति नहीं है.”
First published: July 18, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर