कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज, छापे के दो दिन बाद गए लंदन

News18Hindi
Updated: May 19, 2017, 1:03 PM IST
कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज, छापे के दो दिन बाद गए लंदन
कार्ति चिदंबरम
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Updated: May 19, 2017, 1:03 PM IST
भ्रष्टाचार और रिश्व के मामले में आरोपी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कार्ति चिदंबरम के​ खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है.

जांच एजेंसी ने कार्ति चिदंबरम, आईएनएक्स मीडिया और इसके निदेषक पीटरी व इंद्राणी मुखर्जी के खिलाफ एक इंफोर्समेंट केस इंफॉरमेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है जो पुलिस एफआईआर के समान होती है. ईसीआईआर प्रीवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज की गई है.

कार्ति चले गए लंदन
वहीं, कार्ति चिदंबरम गुरुवार को लंदन चले गए हैं. बता दें कि मंगलवार को सीबीआई ने चार शहरों में उनके घरों और दफ्तरों में छापेमारी की थी. अब लंदन जाने को लेकर उनके पिता पी चिदंबरम का कहना है कि ये ​यात्रा पहले से ही तय थी.

सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में कार्ति चिदंबरम ने बताया, 'यह यात्रा अचानक नहीं हुई बल्कि पहले से तय थी. बहुत पहले ही टिकट खरीद लिए गए थे. मैं जल्द ही लौटूंगा. वहीं, उनके पिता ने भी कहा कि ये जाना पहले से तय था. उनके विदेश जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है.

सीबीआई ने मंगलवार को चार शहरों में कार्ति के घरों और दफ्तरों पर छापा मारा था. उन पर इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के मालिकाना हक वाली कंपनी आईएनएक्स मीडिया को फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है. कार्ति चिदंबरम पर अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर आईएनएक्स मीडिया को 300 करोड़ का फायदा पहुंचाने के बदले करोड़ों रुपये रिश्वत लेने का भी आरोप है. आरोप है कि जब कार्ति चिदंबरम ने इस कंपनी को फायदा पहुंचाया तब उनके पिता पी चिदंबरम ही देश के वित्त मंत्री थे.

कार्ति का आरोपों से इनकार
हालांकि, कार्ति ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनके पिता पी चिदंबरम का कहना है कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. सीबीआई ने कार्ति पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित करना और आपराधिक कदाचार जैसे मामलों में एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि कार्ति ने आईएनक्स मीडिया के खिलाफ मॉरीशस से निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की शर्तों के उल्लंघन के मामले में चल रही एक टैक्स जांच को प्रभावित करने के लिए कंपनी से पैसे लिए थे.

सीबीआई को 10 लाख ऐसे वाउचर्स मिलें जिनके जरिए इस काम के लिए कथित तौर पर भुगतान किया गया है. ये वाउचर्स एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवे​ट लिमिटेड के पक्ष में जारी किए गए हैं. सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर (एंटी-करप्शन) विनीत विनायक का आरोप है कि कार्ति परोक्ष रूप से इस कंपनी के मालिक हैं. इसके अलावा कई अन्य कंपनियों के नाम से आईएनएक्स ग्रुप के पक्ष में 3.5 करोड़ रुपए के इनवॉयस जारी किए गए हैं. इन कंपनियों में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से कार्ति के हित हैं.

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First published: May 19, 2017
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