मोदी फेस्टिवल में सभी मंत्रियों की लगी ड्यूटी

अमिताभ सिन्हा
Updated: May 19, 2017, 8:01 AM IST
मोदी फेस्टिवल में सभी मंत्रियों की लगी ड्यूटी
हर मंत्री को अपने क्षेत्र में जाना होगा. केन्द्रीय मंत्री अगर राज्यसभा सांसद हो तो भी उसे अपने गृह राज्य के एक क्षेत्र में जाना होगा.
अमिताभ सिन्हा
Updated: May 19, 2017, 8:01 AM IST
पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीन साल पूरे होने जा रहे हैं. पीएम खुद चाहते हैं कि हर मोर्चे पर इस सरकार की सफलता का डंका घर घर बजे. तभी तो पूरी बीजेपी और पूरी सरकार जुटे हैं ये सुनिश्चित करने में कि मई 26 से जून 15 तक गुड गवर्नेंस की सफलता का यश देश के कोने कोने में हर व्यक्ति तक पहुंचे.

सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने नेतृत्व में सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने कई हफ्तों की माथापच्ची के बाद कैंपेन का एक खाका तैयार किया. 26 मई को शुरू होगा मोदी यानि मेकिंग ऑफ डेवलपिंग इंडिया फेस्टिवल.

नायडू ने तमाम केन्द्रीय मंत्रियों को लिखी चिठ्ठी है. चिठ्ठी में लिखा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार मई 26 को तीन साल पूरे करने जा रही है. ये एक और मील का पथ्थर है. सबका साथ सबका विकास नारे के साथ आगे मार्च करने का.

26 मई से 15 जून तक पूरे देश में एक कैंपेन चलेगा जिसका मुख्य उद्देश्य होगा देश के हर कोने में जनता को सरकारी योजनाओं और गुड गवर्नेंस को मिल रही सफलता से अवगत कराना.

तय ये हुआ है कि इस कैंपेन को सफल बनाने के लिए हर केन्द्रीय मंत्री को इस अवधि में चार से छह दिनों का समय संगठन को देना होगा. हर मंत्री को कम से कम दो राज्यों मे जाना और दो दिन बिताना अनिवार्य होगा.

साथ ही हर मंत्री को अगर वो लोकसभा का सांसद हो तो अपने संसदीय क्षेत्र में भी जाना होगा. केन्द्रीय मंत्री अगर राज्य सभा सांसद हो तो भी उसे अपने गृह राज्य में अपनी पसंद के एक क्षेत्र में जाना होगा.

साथ ही उन्हें राज्य ईकाई द्वारा तय एक क्षेत्र में भी जाना पड़ेगा.  इस बाबत मंत्रियों से कहा गया है कि कम से कम दस दिन वो पार्टी को दें ताकि संगठन उनके कार्यक्रम तय कर सके.

चिट्ठी के साथ-साथ ही उन्हे सरकार के काम काज का लेखा-जोखा भी भेजा गया है ताकि वो मुद्दों से नहीं भटकें. एक पूरी प्रेस रिलिज भेजी गयी है जो सरकार के तीन साल पूरे होने पर निकलने वाली बुकलेट की थीम “ सेवा के तीन साल“  में लिखी गई सफलताओं का सार है. यानि जो करना है वो भी तय है और जो कहना है वो भी तय हो चुका है.
First published: May 19, 2017
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