पानी में डूबा काजीरंगा नेशनल पार्क, यहां के गैंडों को बचाना बड़ी चुनौती

News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 4:19 PM IST
पानी में डूबा काजीरंगा नेशनल पार्क, यहां के गैंडों को बचाना बड़ी चुनौती
Flood at Kaziranga : काजीरंगा में बाढ़ से जानवरों की आफत
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Updated: July 17, 2017, 4:19 PM IST
असम के बाढ़ प्रभावित काजीरंगा नेशनल पार्क से निकलकर सुरक्षित जगह के लिए भटक रहे गेंडों को शिकारियों से बचाने के लिए सशस्त्र जवानों की दो कंपनियां तैनात की गई हैं. जो इस वन्य जंतु को शिकारियों से बचाने का हरसंभव जतन कर रही है.

असम में बाढ़ की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही. 60 लोगों की मौत हो चुकी है. 21 जिलों के 20 लाख से कहीं ज्यादा लोगों पर असर पड़ा है. तीन लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं.

शिकारी सक्रिय
जैसे ही असम में बाढ़ फैलने लगती है, शिकारी यहां सक्रिय हो जाते हैं. वो आमतौर पर बाढ़ में भटकते गेंडों का शिकार करने में लग जाते हैं. चूंकि बाढ़ से काजीरंगा नेशनल पार्क का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है, लिहाजा पुलिस हरकत में आ गई है. असम पुलिस ने सशस्त्र जवानों की दो कंपनियां काजीरंगा नेशनल पार्क और पोबीतोरा वाइल्डलाइफ सेंचुरी पर भेजी हैं.

Flood at Kaziranga : काजीरंगा में बाढ़ का असर


भाग रहे हैं जानवर 
काजीरंगा में हजारों गेंडे रहते हैं. यहां इस साल 78 जानवरों के मरने की खबर है. नेशनल पार्क पिछले तीन सालों में शिकार के चलते 60 गेंडे गंवा चुका है. फिलहाल काजीरंगा का 38 फीसदी इलाका पानी में डूबा हुआ है. तमाम जानवर जान बचाने के लिए भाग रहे हैं. हालांकि राज्य के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में बाढ़ की स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है.

बीमारियां फैलने की आशंका
बाढ़ से बीमारियों के रूप में आपदा फैलने की भी आशंका है. बाढ़ के चलते जिन लोगों को राहत शिविरों में लाया गया है, उन्हें पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है. पीने का जो पानी मिल रहा है, वो दूषित है. एक सीनियर अफसर का कहना है कि लोगों को कोलेरा, हेपेटाइटस और डायरिया जैसी बीमारियां हो रही हैं. पानी से मच्छर भी पैदा हो रहे हैं. इससे मलेरिया या मच्छरों के काटने से होने वाली आपदाएं फैलने की आशंका है.
First published: July 17, 2017
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