10 अनसुनी बातें: क्या है चीन का वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट?

News18.com
Updated: July 17, 2017, 1:05 PM IST
10 अनसुनी बातें: क्या है चीन का वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट?
चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping की फाइल फोटो. (Photo- getty)
News18.com
Updated: July 17, 2017, 1:05 PM IST
राजीव शर्मा

दो महीने पहले चीन ने वन बेल्ट वन रोड (OBOR) इनिशिएटिव फोरम पर एक समिट का आयोजन किया था. भारत ने चीन के इस प्रोजेक्ट अपनी संप्रभुता पर खतरा बताते हुए 14 और 15 मई को हुई समिट का बहिष्कार किया था. ओबीओआर को लेकर भारत के विरोध के बीच आइये जानते हैं OBOR से जुड़ी दस बातें जो बहुत कम लोग जानते हैं...

1. सितंबर 2013 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कजाकिस्तान के अस्ताना में वन बेल्ट वन रोड को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए इसकी घोषणा की थी. करीब 2000 साल पहले चीन के शाही दूत झांग कियां ने सिल्क रोड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. सिल्क रोड चीन को मध्य एशिया और अरब देशों से जोड़ता है. इस रोड का नाम इस जमाने में चीन से सबसे ज्यादा निर्यात होने वाले प्रोडक्ट यानी सिल्क पर रखा गया था. सिल्कर रोड ने इस क्षेत्र के व्यापार और सांस्कृतिक विकास में कई सालों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

2. राष्ट्रपति शी OBOR के जरिए दुनिया को चीन के उसी जादू से दोबारा रू-ब-रू कराना चाहते हैं. आज के जमाने में जब दुनिया विवादों, युद्ध, घुसपैठ, आतंकवाद और राजनयिक प्रतिद्वंद्विता से जूझ रही है. ओबीओआर का मकसद मध्य एशिया, पश्चिमी एशिया और पूर्वी एशिया से चीन को जोड़ने के लिए रेल रूट, रोड, पाइपलाइन और युटिलिटी ग्रिड तैयार करना है. चीन आर्थिक सहायता, पॉलिसी कॉओर्डिनेशन, व्यापार, वित्तपोषण सहायता और सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग के लिए दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहता है.

3. OBOR के दो मुख्य कंपोनेंट्स हैं. पहला सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट है चीन को यूरोप से जोड़ने के लिए तीन रास्तों पर विचार कर रहा है. वहीं दूसरा 21वीं सदी का मैरिटाइम सिल्क रोड है जो क्षेत्रीय जलमार्ग से चीन को अन्य हिस्सों से जोड़ेगा.

4. 21 डॉलर ट्रिलियन से ज्यादा की संयुक्त जीडीपी वाले 60 से अधिक देशों ने ओबीओआर में हिस्सा लेने के में रुचि दिखाई है.

5. चीन को पहले ही OBOR में कुछ सफलता मिल चुकी है. क्योंकि इसने इस प्रोजेक्ट को लेकर हंगरी, मंगोलिया, रूस, तजाकिस्तान और तुर्की से द्विपक्षीय सहयोग संधि कर ली है.

6. इस प्रोजेक्ट के तहत पूर्वी चीन और ईरान के बीच रेल कनेक्शन का काम शुरू हो चुका है जिसे यूरोप तक आगे बढ़ाया जाएगा. इंडोनेशिया में हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के अलावा लाओस और थाईलैंड के बीच नए रेल लिंक शुरू किए जा रहे हैं.

7. 200 से ज्यादा उद्यमों ने OBOR रूट पर प्रोजक्ट को लेकर सहयोग संधियों पर हस्ताक्षर किए हैं.

8. साल 2014 में 40 बिलियन डॉलर के सिल्क रोड फंड की शुरुआत की ताकि OBOR से जुड़े जरूरी प्रोजेक्ट्स की फंडिंग की जा सके. कुछ ही दिनों में दुनिया छह प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर्स का विकास देखेगी: (1) नया यूरेशियन लैंड ब्रिज, (2) चीन- मंगोलिया- रूस, (3) चीन- मध्य एशिया- पश्चिमी एशिया, (4) इंडो-चीन पेनिसुला, (5) चीन-पाकिस्तान और (6) बांग्लादेश- चीन- भारत- म्यांमार. इन कॉरिडोर्स का निर्माण रेल मार्ग, सड़क, जलमार्ग, वायुमार्ग, पाइपलाइन और इनफॉर्मेशन हाईवे के जरिए किया जाएगा.

9. चीन के सिल्क रोड फंड की फंडिंग 100 बिलियन यूआन तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए चीन के बैंक ओवरसीज कैपिटल के तहत 300 बिलियन युआन, चीन का विकास बैंक 250 बिलियन युआन और चीन का एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट बैंक स्पेशल लोन के तहत 130 बिलियन युआन का योगदान करेंगे.

10. चीन का कहना है कि इसकी OBOR स्ट्रैटेजी इंक्लूसिव होगी जोकि अपने सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलेगी. राष्ट्रपति शी ने इस संबंध में कहा था, “इतिहास एक बेहतरीन शिक्षक है. इतिहास ने हमें बताया कि आपसी सम्मान और विकास के साथ हम ऐसे भविष्य की तरफ बढ़ सकते हैं जो सुखी हो, जहां शांति और सामंजस्य हो. हमारे बीच आपसी सहयोग और स्थायी सुरक्षा दृष्टिकोण हो.”

(राजीव शर्मा स्ट्रेटेजिक एनालिस्ट और कॉलमिस्ट हैं. वह @Kishkindha पर ट्वीट करते हैं.)
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर