हरियाणा: राष्ट्रपति चुनाव के दौरान छाया रहा 'पेन इंक कंट्रोवर्सी' का भूत, भाजपा ने कसा तंज

मोहित मल्होत्रा | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 9:44 PM IST
हरियाणा: राष्ट्रपति चुनाव के दौरान छाया रहा 'पेन इंक कंट्रोवर्सी' का भूत, भाजपा ने कसा तंज
Presidential Election 2017 मतदान(Image Credit: Getty Images)
मोहित मल्होत्रा | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 9:44 PM IST
राष्ट्रपति चुनाव के लिए हरियाणा विधानसभा के 90 विधायकों ने विधानसभा पहुंचकर अपने वोट का इस्तेमाल किया. लेकिन इस दौरान पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेन की स्याही को लेकर हुई इंक कॉन्ट्रोवर्सी का डर भी हरियाणा विधानसभा में छाया रहा. ये डर कांग्रेस विधायकों में ज्यादा दिखाई दिया क्योंकि पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा विधानसभा में डाले गए वोटों में से 13 वोट गलत पेन के इस्तेमाल किए जाने की वजह से रद्द हो गए थे.

इस पूरी कॉन्ट्रोवर्सी में निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को आसानी से जीत दिलवाने के लिए गलत पेन का इस्तेमाल करके वोट डालने का आरोप कांग्रेस पार्टी के विधायकों पर लगा था. इसी वजह से कांग्रेस के तमाम विधायक और नेता इस बार पेन के इस्तेमाल को लेकर सतर्क थे. हालांकि निर्वाचन आयोग ने भी देश के तमाम विधानसभा और लोकसभा में होने वाले राज्यसभा चुनाव और राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति जैसे चुनावों के लिए एक निर्देश जारी किया है कि मौके पर मौजूद निर्वाचन अधिकारी के द्वारा दिए गए पेन से ही कोई भी विधायक या सांसद अपना वोट डाल सकता है नहीं तो उसका वोट रद्द कर दिया जाएगा और इस नसीहत के पोस्टर भी हरियाणा विधानसभा के बाहर लगाए गए थे.

हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने कहा कि उन्हें इंक कॉन्ट्रोवर्सी को लेकर कोई डर तो नहीं है लेकिन निर्वाचन आयोग ने पेन को लेकर जो कदम उठाए हैं वो बिल्कुल सही है. हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने अपनी फजीहत को कटाक्ष के जरिये छिपाते हुए कहा कि हरियाणा देश का कई जगह मार्गदर्शन कर चुका है और वोट डालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेन को लेकर भी कोई विवाद ना हो इसी वजह से हरियाणा में जो इंक कंट्रोवर्सी हुई उसी को लेकर निर्वाचन आयोग को वोट डालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेन को लेकर भी निर्देश देने पड़े और इससे आने वाले भविष्य में किसी भी तरह का विवाद किसी भी वोटिंग के दौरान नहीं हो सकेगा.

सही तरह से वोटिंग करवाने के लिए कांग्रेस ने दिल्ली से भेजा ऑब्जर्वर

हरियाणा के स्पीकर ने भी कहा कि पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान पेन की स्याही को लेकर जो कॉन्ट्रोवर्सी हुई थी उसी की वजह से हरियाणा विधानसभा में तमाम इंतजाम किए गए हैं. हालांकि कांग्रेस के विधायक पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई अपनी फजीहत से खुद को बचाने के लिए इस बार राष्ट्रपति चुनाव में ये कहते दिखाई दिए कि हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई कॉन्ट्रोवर्सी में जो कुछ हुआ उसी का नतीजा है कि निर्वाचन आयोग को पूरे देश के लिए राष्ट्रपति चुनाव, राज्यसभा चुनाव और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्देश जारी करने पड़े.

हालांकि कुछ कांग्रेस विधायकों ने पिछले साल हुई इंक कॉन्ट्रोवर्सी को हरियाणा सरकार की चाल भी बताया और कहा कि इस बार उनके विधायक सतर्क हैं और किसी भी चाल में नहीं फंसने वाले. इस बार राष्ट्रपति चुनाव के दौरान किसी तरह की कोई गड़बड़ ना हो और कांग्रेस के विधायक किसी गलत पेन से अपना वोट ना डाल दें इसको लेकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से दिल्ली से एक ऑब्जर्वर को भी भेजा गया.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर कांग्रेस लीडर चरणदास महंत को आब्जर्वर बनाकर कांग्रेस की तरफ से हरियाणा विधानसभा में डाले जाने वाले राष्ट्रपति चुनाव के वोटों पर नजर रखने के लिए भेजा गया था. लेकिन हरियाणा विधानसभा में अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग के बदले गए नियमों का हवाला देते हुए कांग्रेस के ऑब्जर्वर चरणदास महंत और उनके साथ आए हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को विधानसभा में घुसने नहीं दिया और इसी वजह से वो विधानसभा के बाहर थोड़ी देर टहल कर वापस लौट गए.

भाजपा ने कसा तंज
वहीं इंक कॉन्ट्रोवर्सी और पेन के इस्तेमाल से घबराए कांग्रेस के विधायकों पर सत्तासीन बीजेपी के मंत्रियों ने तंज कसा और कहा कि पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के विधायकों ने या तो जानबूझकर गलत वोट दिया या फिर अगर उन्हें सही से वोट नहीं देना आता था तो ऐसे में कांग्रेस को अपना एक ऑब्जर्वर दिल्ली से भेजना पड़ा ताकि उनके विधायक इस बार भी कोई गलती ना कर दे और कांग्रेस के विधायकों पर उनके दिल्ली के नेता नजर भी रख सके. साथ ही कांग्रेस के ऑब्जर्वर और प्रदेश अध्यक्ष को विधानसभा परिसर में घुसने की परमिशन ना मिलने पर भी बीजेपी के मंत्रियों ने तंज कसते हुए कहा कि जिस कांग्रेस को ये जानकारी ही नहीं है कि निर्वाचन आयोग के नियम के मुताबिक कोई भी बाहरी व्यक्ति विधानसभा में वोट डालने की जगह पर नहीं जा सकता तो ऐसे में वो अपने विधायकों से कैसे ठीक से वोट डलवा पाएगी और ये बात काफी हैरान करने वाली है.

पेन को लेकर असमंजस के बीच कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रपति चुनाव को विचारधारा की लड़ाई बताया लेकिन अपने उम्मीदवार की जीत का कोई दावा नहीं किया जबकि बीजेपी के तमाम मंत्री और विधायक हरियाणा से करीब 70% वोट एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के पक्ष में जाने का दावा करते रहे और चुनाव को महज औपचारिकता बताते हुए रामनाथ कोविंद के बतौर राष्ट्रपति पद पर जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दिए.
First published: July 17, 2017
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