सपा की 'साइकिल' पर सस्पेंस बरकरार, चुनाव आयोग ने फैसला सुरक्षित रखा

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First published: January 13, 2017, 6:20 PM IST | Updated: January 14, 2017, 7:19 AM IST
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सपा की 'साइकिल' पर सस्पेंस बरकरार, चुनाव आयोग ने फैसला सुरक्षित रखा
चुनाव चिन्ह (साइकिल) की मिलकियत को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है. चुनाव आयोग के दफ्तर में दिनभर चले सुनवाई के बाद फैसले को सुरक्षित रख दिया गया है.

समाजवादी पार्टी में मचे घामासान के बाद चुनाव चिन्ह (साइकिल) की मिलकियत को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है. दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर में दिनभर चली सुनवाई के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया गया है.

अखिलेश खेमे की ओर से दलील पेश कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने कहा कि जो भी फैसला होगा, वह मंजूर होगा.

समाजवादी पार्टी के दोनों गुटों के आला नेताओं का शुक्रवार का दिन दिल्ली में बीता. दोनों तरफ से चुनाव आयोग के समक्ष चुनाव चिन्ह साइकिल पर मालिकाना हक पेश किया गया. इस बाबात दोनों पक्षों के तरफ से दलील देने के लिए वकील भी मौजूद थे.

सुनवाई शुरू होने से पहले मुलायम सिंह समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की. सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग के समक्ष साइकिल पर अधिकार जताते समय भी दोनों पक्षों के बीच जमकर तकरार हुई.

इससे पहले चुनाव आयोग में मुलायम सिंह यागव ने अपना पक्ष रखा और कहा रामगोपाल यादव पार्टी से बर्खास्त हैं.

अखिलेश गुट के नेता भी चुनाव आयोग पहुंचे, जिसमें रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल, किरनमय नंदा, अभिषेक मिश्रा, सुरेंद्र यादव, अक्षय यादव शामिल थे.

चुनाव आयोग जाने से पहले मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा-भरोसा रखें, पार्टी नहीं टूटने देंगे. चुनाव आयोग का निर्णय जानने के लिए मुलायम सिंह अपने भाई शिवपाल सिंह के साथ बुधवार से ही दिल्ली में हैं. अखिलेश खेमे की ओर से राम गोपाल आयोग में पेश होते रहे हैं.

फैसला सुनाने से पहले अंतिम सुनवाई के दौरान दोनों धड़ों के दावों पर चुनाव आयोग कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेगा. इसके बावजूद भी अगर स्थिति नहीं सुलझी तो आयोग समाजवादी पार्टी के नाम और निशान को फ्रीज कर दोनों दलों को नए नाम और निशान का विकल्प देगा.

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