EVM का डेमो: वोटिंग से पहले 4 चरणों में होती है टेस्टिंग, हैकिंग संभव नहीं

अमित पांडेय | News18India.com
Updated: May 20, 2017, 3:53 PM IST
EVM का डेमो: वोटिंग से पहले 4 चरणों में होती है टेस्टिंग, हैकिंग संभव नहीं
चुनाव आयोग ने इस मशीन का लाइव डेमो सभी पार्टियों के बीच दिया.
अमित पांडेय | News18India.com
Updated: May 20, 2017, 3:53 PM IST
आम आदमी पार्टी समेत तमाम राजनीतिक दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना जताते हुए इसे हैक करने की चुनौती दी. इसके बाद आज चुनाव आयोग ने इस मशीन का लाइव डेमो सभी पार्टियों के बीच दिया. आयोग ने बताया कि ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. ईवीएम के इस्तेमाल से पहले चार बार उसकी चेकिंग होती है. आयोग ने इन चारों कदम का लाइव डेमो सभी के सामने पेश किया.

1. फर्स्ट लेवल चेकिंग: चुनाव होने से 6 महीने पहले ये प्रक्रिया होती है. इसमें पिछले चुनाव में इस्तेमाल हो चुके ईवीएम के पुराने टैग को हटाया जाता है. फिर मशीन की चेकिंग होती है जिसके बाद उसका इलेक्ट्रिकल टेस्ट होता है. पांच फीसदी मशीन में हजार हजार वोट डाला जाता है और वीवीपैट से जो डाले गए वोट की प्राप्ति रसीद निकलती है. उस पर्ची से डाले गए वोट को मिलाया जाता है. उन राजनीतिक पार्टियों की मौजूदगी में जो होने वाले चुनाव में हिस्सा ले रही हैं, फिर उन ईवीएम का सर्टिफिकेशन चुनाव आयोग द्वारा होता है.



2. कैंडिडेट सेट प्रोसेस: इसमें चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद बैलट शीट प्रिंट किया जाता है और मशीन और वीवीपैट में कैंडिडेट डीटेल्स फीड किए जाते हैं. इसमें भी पार्टी के नुमाइंदे मौजूद रहते हैं. जितने उम्मीद्वार चुनाव में होते हैं उनका नाम और चुनाव चिह्न वीवीपैट और ईवीएम में दर्ज होता है.



3.मॉक पोल: मतदान से पहले मॉक पोल होता है. पार्टियों के पोलिंग एजेंट के सामने हर मशीन में 50 वोट डाले जाते हैं या ईवीएम में दर्ज हर उम्मीदवार को बराबर वोट डाले जाते हैं. फिर उसे उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट से चेक करने के लिए कहा जाता है कि मशीन ठीक है या नहीं. उसके बाद ही मतदान चुनाव केन्द्रों में शुरू होता है.



4. काउंटिंग के दिन: पार्टी के नुमाइंदों के सामने ईवीएम मशीन का सील तोड़ा जाता है. फिर वोटों की गिनती होती है. ईवीएम पर सील लगी होती उसमें कोड दर्ज होता है और चुनाव अधिकारी के दस्तखत होते हैं. मशीन पर दर्ज कोड को मशीन में फीड किए गए कोड से मिलाया जाता है तभी गिनती के लिये ईवीएम की सील को तोड़ा जाता है.



खास बात ये है कि इन चारों कदम में आयोग ने वीवीपैट यानि वो मशीन जिसमें वोट डालने के बाद रसीद मिलती है उसको भी दिखाया. यानि ये साफ कर दिया है इस बार चुनाव में हर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ वीवीपैट मशीन का भी इस्तेमाल होगा.
First published: May 20, 2017
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