मोदी सरकार की नई पहल, गरीबों को आसानी से मिलेगा न्याय

News18Hindi
Updated: April 20, 2017, 10:52 PM IST
मोदी सरकार की नई पहल, गरीबों को आसानी से मिलेगा न्याय
देश में लंबित अदालती मुकदमों की स्थिति सुधारने और गरीबों तक न्यायिक व्यवस्था की पहुंच बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है.
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Updated: April 20, 2017, 10:52 PM IST
देश में लंबित अदालती मुकदमों की स्थिति सुधारने और गरीबों तक न्यायिक व्यवस्था की पहुंच बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है.

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को 3 योजनाओं की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता डिजिटल इंडिया है. इसकी सफलता तभी हो सकेगी जब समाज के सभी ख़ासतौर से कमज़ोर लोगों की इसमें भागीदारी सुनिश्चित होगी.

पहली योजना है 'प्रो बोनो लीगल सर्विस.' जैसा कि नाम से ही विदित है कि इस सेवा के तहत गरीब और कमज़ोर लोगों को कानूनी सहायता मुहैया करवाई जाएगी.

कोई भी वकील जो गरीबों और कमज़ोरों को मुफ्त कानूनी सहायता देना चाहेगा, वो मंत्रालय की वेबसाइट doj.gov.in पर जाकर खुद को रजिस्टर्ड करवा सकते हैं.

इस योजना में UNDP महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने देश भर के वकीलों से आह्वान किया कि वो मंत्रालय की इस योजना के साथ जुड़ें. सरकार का मानना है कि वकील कितना इस तरह के कार्यों में मदद करते हैं, ये उनके एलिवेशन में भी देखा जाना चाइए.

दूसरी योजना है 'Tele law'. इस योजना के तहत कॉमन सर्विस सेंटर का इस्तेमाल किया जाएगा. इस योजना के ज़रिए वकीलों और गरीब लोगों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बातचीत करवाई जाएगी. वो वकीलों से कानूनी सलाह ले सकेंगे.

उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर की 1800 पंचायतों से इसकी शुरुआत की जा रही है. इसके लिए इस सेंटरों में लीगल वालंटियर की नियुक्ति की जाएगी.

तीसरी योजना है, 'न्यायमित्र'. इस योजना के तहत जिन जिलों में 10 साल से ज्यादा पुराने केस हैं, वहां न्यायमित्रों की नियुक्ति की जाएगी.

न्यायमित्र के तौर पर रिटायर्ड जजों या कानूनी अनुभव वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी. ये लोगों को उनके लंबित मामलों के जल्द निपटारे में मदद करेंगे.

-विक्रान्त यादव
First published: April 20, 2017
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