'बापू' के तीखे तेवर, गुजरात में कांग्रेस के टूटने का खतरा

जनक दवे | News18Hindi
Updated: June 20, 2017, 8:15 PM IST
'बापू' के तीखे तेवर, गुजरात में कांग्रेस के टूटने का खतरा
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जनक दवे | News18Hindi
Updated: June 20, 2017, 8:15 PM IST
गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला के तेवरों से साफ है कि वो ज्यादा दिन इस पार्टी के साथ नहीं हैं. राज्‍य में चुनाव सिर पर है और कांग्रेस की तैयारी से वाघेला नाराज हैं. इसी को ध्‍यान में रखते हुए वाघेला ने अपने समर्थकों और सहयोगियों से सुझाव मांगा है और 24 जून को एक सम्मेलन बुलाया है. इस सम्‍मेलन में जो सुझाव आएगा उसके आधार पर वाघेला अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे.

पिछले डेढ़ महीने से गुजरात के राजनीतिक गलियारों में शंकर सिंह वाघेला की कांग्रेस के आलाकमान से नाराजगी को लेकर खबरें चल रही हैं. इस बात पर वाघेला ने आज चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वो नाराज है लेकिन इसकी वजह है चुनावी तैयारियां नहीं होना. उन्‍होंने साफ-साफ कहा कि अगर उम्मीदवार तय नहीं होंगे तो तैयारियां कैसे होंगी.

'बापू' के नाम से पुकारे जाने वाले वाघेला की मांग अभी तक आलाकमान ने नहीं सुनी. इस पर उन्‍होंने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों का एक सम्मेलन बुलाकर आलाकमान को संदेश दे दिया है. दरअसल यह सम्मेलन कांग्रेस के भीतर एक तरह से शक्ति प्रदर्शन होगा.

गुजरात कांग्रेस काफी सारे खेमों में बंटी हुई है और इनमें वाघेला गुट ताकतवर है. 24 जून होने वाले इस सम्मेलन में वाघेला ने अपने करीबियों और शुभचिंतकों से सुझाव मांगे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए.

वाघेला के सम्‍मेलन करने का समय राष्‍ट्रपति चुनाव से ठीक पहले का है. साथ ही राज्‍यसभा चुनावों को लेकर वे कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बना रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल राज्यसभा सीट के लिए दावेदार हैं. ऐसे में अगर वाघेला बगावत करते हैं तो फिर कांग्रेस के लिए राज्‍यसभा चुनाव में शर्मिंदगी हो सकती है.

हालांकि वाघेला के वर्तमान रूख को केवल दबाव की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है. उन्‍होंने यह साफ कर दिया है कि वे ना तो बीजेपी में जा रहे हैं और ना ही अलग पार्टी बनाएंगे. बता दें कि वाघेला की पृष्‍ठभूमि आरएसएस से संबंधित रही है.

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First published: June 20, 2017
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