कुलभूषण मामले में हार के बाद बौखलाया पाक, नकारा कोर्ट का फैसला

News18Hindi
Updated: May 18, 2017, 7:59 PM IST
कुलभूषण मामले में हार के बाद बौखलाया पाक, नकारा कोर्ट का फैसला
कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया.
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Updated: May 18, 2017, 7:59 PM IST
कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही विएना संधि पर सवाल नहीं उठाया है. कोर्ट ने माना है कि कुलभूषण को कानूनी मदद मिलनी चाहिए.

इस केस में आईसीजे में सारी अपील खारिज हो जाने के बाद, अब पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत असली चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा है. साथ ही पाकिस्तान ने कहा है कि वो कुलभूषण के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करेगा.

कुलभूषण पर अंतर्राष्ट्रीय अदालत के फैसले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस मामले में आईसीजे का फैसला जाधव को न्याय दिलाने की दिशा में भारत का पहला कदम है.

मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि ये फैसला साफ और स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि जाधव की जिंदगी बचाने के लिए भारत सरकार हरसंभव प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि ये फैसला भारत और जाधव के परिवार के लिए एक बड़ी राहत है. आईसीजे के ऑर्डर को नहीं मानने पर पाकिस्तान के साथ क्या होगा?, इस सवाल के जवाब में बागले ने कहा कि पाकिस्तान को आदेश का पालन करना ही होगा.

वहीं इंटरनेशनल कोर्ट द्वारा भारत के पक्ष में आए इस फैसले का विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्वागत किया. उन्होंने ट्विटर पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि आईसीजे का फैसला कुलभूषण के परिवार सहित पूरे भारत के लिए राहत लेकर आया है. इसके साथ ही विदेश मंत्री ने इस मामले में भारत की तरफ से पेश हुए वकील हरीश सालवे का भी आभार व्यक्त किया.







इसके अलावा भारत की इस कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुषमा स्वराज से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी. वहीं, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्विटर के जरिए इस जीत पर सुषमा स्वराज को बधाई दी और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत जाधव को बचाने की हर मुमकिन कोशिश करेगा.





उधर, अंतर्राष्ट्रीय अदालत द्वारा बड़ी जीत हासिल करने के बाद कुलभूषण जाधव के दोस्तों के बीच खुशी की लहर दिखाई. फैसले का स्वागत करते हुए जाधव के दोस्तों ने एकदूसरे को मिठाई खिलाई और 'भारत माता के जय' के नारे भी लगाए.

आईसीजे में भारत की जीत पर गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की भावना यही थी कि पक्ष में फैसला आए. उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने ये मामला बहुत अच्छे से इंटरनेशनल कोर्ट में चलाया.

भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमरेंद्र शरन ने कहा कि ये हरीश साल्वे और उनके नेतृत्व में गए भारतीय दल के लिए बड़ी जीत है. हालांकि, शरन ने कहा कि ये आखिरी फैसला नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान कोर्ट में भी जाधव को निर्दोष साबित करवाना है. शरन ने बताया कि आईसीजे ने ये निर्णय लिया कि पाकिस्तान ने कुलभूषण को जासूस साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिए हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने फिलहाल फांसी पर रोक लगाई है और अब भारत को इस लड़ाई को आगे ले जाना है.

वहीं पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अज़हरुदीन ने कुलभूषण की फांसी की रोक पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा - 'सबको मानना पड़ेगा. में बहुत खुश हूं.'

इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत की अपील पर फैसला सुनाते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मामले की पूरी सुनवाई होने तक कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दे सकता. कुलभूषण को पूरी कानूनी सहायता दी जानी चाहिए. इसके अलावा पाकिस्तान की उस दलील को भी ठुकरा दिया कि जासूसी मामले में दोषी पाया गया व्यक्ति विएना संधि के तहत नहीं आता. इस तरह इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत की तीनों अपील को मंजूर करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट निर्देश जारी किया है.

जस्टिस रॉनी अब्राहम ने इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला सुनाया. जासूसी और आतंकी मामलों में गिरफ्तार भी विएना संधि से बाहर नहीं है. अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट को इस मामले को सुनने का हक है. कोर्ट ने कहा, जाधव की गिरफ्तारी एक विवादित मुद्दा है. इस मामले में सुनवाई के अधिकार पर फैसला सुनाते हुए कहा कि इंटरनेशनल कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर सकता है.

उधर, फैसले से ठीक पहले पाकिस्तान ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के फैसले से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले से चंद मिनटों पहले कहा, अंतर्राष्ट्रीय अदालत के पास कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई करने का कोई अधिकार नहीं है. ये पाकिस्तान की सुरक्षा का मामला है.

आईसीजे ने 10 मई को जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी. पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी का दोषी बताते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में उन्हें एक साल से भी अधिक समय से हिरासत में रखा है. कुलभूषण जाधव 10 अप्रैल को पाकिस्तान की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी.

कुलभूषण जाधव को पिछले साल 3 मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान ने जाधव को भारतीय जासूस बताकर गिरफ्तार किया था.

भारत की ओर से वरिष्‍ठ वकील हरीश साल्‍वे ने आईसीजे में पक्ष रखा था. भारत की ओर से आईसीजे में कहा गया था कि अगर जाधव को फांसी दी जाती है तो ये युद्धापराध के बराबर माना जाएगा.
साल्‍वे ने कहा था कि भारत मानता है कि जाधव मामले में पाकिस्तान के सैन्य कोर्ट का फैसला हास्यास्पद और नाजायज़ है और इसमें मानवाधिकार का उल्लंघन किया गया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कुलभूषण को अपने बचाव में वकील देने से मना कर दिया.

भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान वियना समझौते का उल्लंघन कर रहा है और जाधव को सबूतों के बिना दोषी करार देने के लिए मुकदमा चला रहा है. पाकिस्तान ने आईसीजे में कहा कि वियना समझौते में कंसुलर संपर्क से जुड़े प्रावधान आतंकी गतिविधियों में शामिल किसी जासूस के लिए नहीं है.
First published: May 18, 2017
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