कर्णन के वकीलों ने राष्ट्रपति के सामने की सजा निलंबित करने की मांग

भाषा
Updated: May 19, 2017, 8:38 AM IST
कर्णन के वकीलों ने राष्ट्रपति के सामने की सजा निलंबित करने की मांग
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Updated: May 19, 2017, 8:38 AM IST

कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सी एस कर्णन की पैरवी कर रहे वकीलों ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से छह महीने की सजा सुनाए जाने के आदेश को निलंबित करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के समक्ष एक प्रतिवेदन दिया गया है.


बहरहाल, राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा कि वह ऐसे किसी प्रतिवेदन से अवगत नहीं है. वकीलों ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत न्यायमूर्ति कर्णन की तरफ से ज्ञापन, प्रतिवेदन ईमेल के जरिए भेजा गया है जिसमें उनको सुनाई गई छह महीने की सजा के निलंबन या उस इस पर रोक लगाने की मांग की गई है.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने अदालती अवमानना के मामले में न्यायमूर्ति कर्णन को सजा सुनाई है. न्यायमूर्ति कर्णन ने सर्वोच्च अदालत में भी एक याचिका दायर कर मांग की थी कि नौ मई के आदेश को वापस लिया जाए, लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने इस पर तत्काल सुनवाई से इंकार किया था.

बता दें कि जस्टिस कर्णन को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई गई है. वह पहले सिटिंग जज हैं जिन्हें जेल की सजा दी गई है. कर्णन पर अदालत की अवमानना और न्याय प्रणाली की छवि धूमिल करने के आरोप हैं.



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First published: May 19, 2017
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