कश्मीरी बच्चों को बरगलाकर लगवाए भारत विरोधी नारे

अमित पांडेय
Updated: March 18, 2017, 12:07 AM IST
अमित पांडेय
Updated: March 18, 2017, 12:07 AM IST
लगातार आतंकी गतिविधियां झेल रही कश्मीर घाटी में एक नया ख़तरा सामने आया है. ये ख़तरा है बच्चों के कई वीडियो से जो कि सोशल मीडिया में बहुत तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियोज़ में छोटे-छोटे बच्चे हिजबुल, लश्कर जैसे आतंकी संगठन के समर्थन में नारे लगा रहे हैं, वहीं यही बच्चे  भारत के विरोध में नारे लगा रहे हैं.

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि सारे वीडियोज़ अगस्त 2016 के बाद से ही बनाए गए हैं. ये वो वक्त था, जब घाटी में पत्थरबाजी की घटना चरम पर थी. आप भी देखिए कैसे मासूमों को मोहरा बनाकर सोशल मीडिया के जरिए देश के खिलाफ घाटी में घोला जा रहा है जहर. न्यूज18 इंडिया के पास ऐसे ही कुछ वीडियोज़ हैं, जिनको पिछले कुछ महीनों में घाटी में जानबूझकर वायरल किया गया है.

एक वीडियो दिसंबर 2016 का है, श्रीनगर के शहरी इलाके का. सुरक्षाबलों के कड़े पहरे के बीच ये बच्चे पाकिस्तान जिन्दाबाद, हिजबुल जिन्दाबाद के नारे लगा रहे हैं. इन बच्चों की उम्र 6-12 साल के बीच में है, जरा सोचिए ऐसे शब्द सुनकर हमारे देश के सुरक्षा बलों पर क्या गुजरती होगी. जानबूझकर बनवाए गए इस वीडियो को पिछले दो महीनों से जोर शोर से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है.

इस मुद्दे पर आर के सिंह पूर्व गृ​ह सचिव का मानना है कि बहुत चिंता की बात है ये पूरी तरीके से सोशल मीडिया को हथियार बनाया जा रहा है भारत के खिलाफ़ है.

ऐसे ही एक दूसर वीडियो में 10 साल से भी कम उम्र के तीन बच्चे हैं. ये वीडियो नवंबर के महीने से वायरल हुआ है. पर्दे के सामने बैठाया गया है इन्हें, इनके सामने कुछ बोला जा रहा है फिर ये नारे लगा रहे हैं.

कोई कविता या पढ़ाई की चीज नहीं बल्कि है जहर की बोली. भारत के खिलाफ नारा और पाकिस्तान के खिलाफ हमदर्दी. न्यूज 18 इंडिया ने इन वीडियोज़ को सुरक्षा से जुड़े जिम्मेदार लोगों को दिखाया तो उन्होने भी गहरी चिन्ता जाहिर की. पूर्व मुंबई कमिश्नर सत्यपाल सिंह का कहना है,  'बहुत गंभीर मामला है ये और आगे चलकर इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे.'

ऐसा नहीं है कि सरकार इससे अंजान है. गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू इसे पाकिस्तान से रची साजिश मानते हैं और कहते हैं कि इस मामले की जांच की जा रही है.

ऐसे करीब 80 वीडियोज़ पिछले चार महीनों में घाटी में सोशल मीडिया के सभी माध्यमों से वायरल हुए हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है कि इन बच्चों के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा?

पिछले 4 महीने में बने 10-15 साल के बच्चों के वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनकी गतिविधियां और ज्यादा उग्र हैं. पिछले साल दिसंबर में वायरल हुए एक वीडियो में पुलवामा के  पार्क में  सारे बच्चे 10-15 साल के बीच के हैं. पिछले वीडियो की तरह ही इन्हें पीछे से कुछ बोला जा रहा.
First published: March 18, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर