जानें क्यों बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को बनाया राष्ट्रपति उम्मीदवार?

News18Hindi
Updated: June 19, 2017, 4:49 PM IST
जानें क्यों बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को बनाया राष्ट्रपति उम्मीदवार?
File photo - ANI twitter
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Updated: June 19, 2017, 4:49 PM IST
बीजेपी ने आश्चर्यजनक रूप से बिहार के गवर्नर रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. कोविंद साल 1994 से 2006 तक दो टर्म उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने.

वह बीजेपी दलित मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष 1998-2002 के बीच रहे. इसके अलावा वह ऑल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष भी रहे. वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं. 8 अगस्त 2015 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया था.

दलित और विवादों से दूर रहने वाले कोविंद बीजेपी के लिए सबसे मुफीद चेहरे हैं, जिनपर विपक्ष की पार्टियों का समर्थन हासिल किया जा सकता है. वह दलित कम्यूनिटी कोली से आते हैं और बिहार के गवर्नर बनने से पहले यूपी और बिहार में लंबे समय तक काम कर चुके हैं.

वह बीजेपी दलित बेस का नेतृत्व कर चुके हैं. वह बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं को बड़े रोल के लिए तैयार कर चुके हैं. वह बीजेपी के ऐसे चेहरे थे, जिससे पार्टी मायावती की दलित पॉलिटिक्स का काउंटर करती रही है.

कोविंद को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का करीबी भी माना जाता है. देश के राष्ट्रपति के रूप में काम करने पर बिहार गवर्नर के तौर पर उनका रोल उन्हें काफी मदद कर सकता है. बतौर राज्यसभा सांसद कोविंद थाईलैंड, नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, यूके और अमेरिका का दौरा स्टडी टूर के लिए कर चुके हैं.

रामनाथ कोविंद केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एडवोकेट भी रह चुके हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में भी स्टैंडिंग काउंसिल नियुक्त किया था. उन्होंने 16 साल तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत की है.

कोविंद डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी लखनउ के बोर्ड मेंबर के तौर पर भी कार्यरत रहे हैं. इसके अलावा आईआईएम कोलकाता के भी बोर्ड आॅफ गवर्नर्स का हिस्सा रह चुके हैं. वह संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं और उन्होंने महासभा को भी अक्टूबर 2002 में संबोधित किया था.
First published: June 19, 2017
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