डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर की गिरफ्तारी की मांग

News18India.com
Updated: May 19, 2017, 1:27 PM IST
डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर की गिरफ्तारी की मांग
professor nandini sundar, image source-twitter
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Updated: May 19, 2017, 1:27 PM IST
लीगल राइट्स ऑबजर्वेटरी (एलआरओ) ने दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और सामाजिक कार्यकता बेला भाटिया की तत्काल गिरफ्तारी व उनके खिलाफ मामला चलाए जाने की मांग की है.

छत्‍तीसगढ़ के डीजीपी और गृह मंत्रालय से यह मांग की गई है. नक्सलियों के दुलेड़ जनताना सरकार में मिलिशिया डिप्टी कमांडर पोडियम पंडा के सरेंडर के बाद पुलिस को दिए गए बयान के आधार पर एलआरओ ने यह मांग रखी है.

एलआरओ के संयोजक विजय जोशी का कहना है कि पोडियम पंडा ने अपने इकबालिया बयान में कहा है कि वह डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और बेला भाटिया को कई बार नक्सलियों से मिलवाने के लिए ले गया है.

पंडा ने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी भी दी है. ध्यान रहे कि पोडियम पंडा ताड़मेटला, बुर्कापाल समेत 19 नक्सल वारदातों में वांछित था.

जोशी ने बताया कि जल्‍द ही उनके संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करेगा.

जिसमें पंडा, नंदिनी सुंदर और बेला भाटिया का नार्को टेस्‍ट कराने और आमने-सामने बैठाकर जांच की मांग की जाएगी.

लीगल राइट्स ऑबजर्वेटरी एक स्वतंत्र संस्था है जो देशविरोधी गतिविधियों पर न केवल नज़र रखती है, बल्कि उसे रोकने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा भी लेती है.

हाल ही में एलआरओ का नाम तब चर्चा में आया था, जब नक्सलियों ने एक कथित पत्र जारी कर इसके पदाधिकारियों को मौत का फरमान सुनाया था.

हमने किसी नक्‍सली से मुलाकात नहीं की: नंदिनी

नंदिनी सुंदर ने न्‍यूज 18 डॉटकॉम से बातचीत में कहा कि लीगल राइट्स ऑबजर्वेटरी से जुड़े लोग प्रचार पाने के लिए उन पर आरोप लगा रहे हैं. यह लोग कभी मानवाधिकार की बात नहीं करते.

पांडा के साथ नक्सलियों से मिलने वाली बात बिल्कुल गलत है. हमने कभी किसी नक्‍सली से मुलाकात नहीं की. पोडियम पंडा को प्रताड़ित कर पुलिस हमको फंसाने की कोशिश कर रही है.
First published: May 19, 2017
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