वेंकैया नायडू: 'संकटमोचक' के जरिए दक्षिण में पैठ बनाना चाहती है BJP

News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 9:19 PM IST
वेंकैया नायडू: 'संकटमोचक' के जरिए दक्षिण में पैठ बनाना चाहती है BJP
आंध्र प्रदेश के नेल्लौर में जन्मे वेंकैया नायडू को भाजपा का संकटमोचन भी कहा जाता है. (Photo:PTI)
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Updated: July 17, 2017, 9:19 PM IST
भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में वेंकैया नायडू को एनडीए के उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना गया है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नायडू के उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने की औपचारिक घोषणा की.

नायडू के अलावा महाराष्ट्र के गवर्नर विद्यासागर राव को भी उप-राष्ट्रपति पद का मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था. बता दें वेंकैया नायडू फिलहाल केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हैं. इसके अलावा वो सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे हैं.

पार्टी के भीतरी सूत्रों का कहना है कि वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का दावेदार बनाए जाने से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पार्टी की पैठ बढ़ेगी. नायडू आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं. भाजपा इस दांव से दक्षिण के राज्यों में खुद को मजबूत करना चाहती है. दक्षिण भारत में एकमात्र कर्नाटक ही ऐसा राज्य है जहां भाजपा की स्थिति मजबूत है.

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति के पास ही राज्यसभा के संचालन की भी जिम्मेदारी होती है. इसलिए पार्टी चाहती थी कि इस पद पर कोई ऐसा शख्स ही जाए जो पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ा सके. इसके अलावा उसे लंबा विधायी अनुभव हो और जो सदन चला सके, जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है.

नायडू चाहते थे सक्रिय राजनीति में रहना
बताया जा रहा है कि रविवार शाम को ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने वेंकैया नायडू को पार्टी के फैसले के बारे में सूचित करने के लिए कहा था. पार्टी के इस फैसले पर नायडू ने शाह से कहा था कि वे लोगों के साथ रहना पसंद करेंगे और सक्रिय राजनीति में काम करेंगे.

बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि नायडू को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना उनका व्यक्तिगत नुकसान होगा और वह नायडू के नामांकन से एक बहुमूल्य सहयोगी खो देंगे. इस बयान के बाद नायडू को उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने परमुहर लगा दी गई.

दोपहर में संसद भवन में अपने कार्यालय में नायडू ने जनसंघ के दिनों से अपने सफर को याद किया.

उन्होंने बताया, 'कांग्रेस के कई नेताओं ने मुझसे कहा कि जनसंघ उत्तर भारतीयों की पार्टी है. इस बात से मैं बिलकुल भी परेशान नहीं हुआ. इसके बाद उन लोगों ने जनसंघ को ब्राह्मण-बनिया की पार्टी कहकर मुझे निराश करने की कोशिश की. उन्होंने मुझसे कहा कि जनसंघ में शाकाहार का कट्टरता से पालन किया जाता है. इस पर मैंने एक स्थानीय आरएसएस नेता से बात की तो पता चला कि यहां खाने पर कोई पाबंदी नहीं है.'

क्या है नायडू का राजनीतिक सफर
1 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लौर में जन्मे वेंकैया नायडू को भाजपा का संकटमोचक भी कहा जाता है. वह 2002 से 2004 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. अभी नायडू केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री हैं. इसके अलावा वो केंद्रीय शहरी विकास मंत्री भी हैं.

नायडू अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं. 1978 से 1783 तक नायडू नेल्लौर से विधायक रहे. 1998 से अब तक वो भाजपा के राज्यसभा सांसद भी हैं. इसके अलावा वो 1988 से 1993 तक वो आंध्र प्रदेश में भाजपा के अध्यक्ष थे.
First published: July 17, 2017
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