सरकार बनाने के लिए बीजेपी कर रही पैसों का दुरुपयोग: राहुल गांधी

News18India

Updated: March 14, 2017, 4:53 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी को 16 मार्च को गोवा विधानसभा में बहुमत साबित करने का आदेश दिया है.  सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के विरोध में कांग्रेस की ओर से दाखिल याचिका पर सुनाया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पर्रिकर के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया. बीजेपी द्वारा गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने के दावे के विरोध में कांग्रेस ने लोकसभा से वॉकआउट किया. कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव पेश करने के लिए नोटिस भी दिया. वहीं,  कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने बीजेपी पर पैसों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.

मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे.एस. खेहर ने कहा कि कांग्रेस को समर्थन प्राप्त विधायकों का आंकड़ा देना चाहिए. गोवा की गवर्नर मृदुला सिन्हा दोपहर 1.30 बजे सरकार बनाने के दावे को लेकर कांग्रेस लीडर्स से मुलाकात करेंगीं.

राजभवन के सामने धरना दें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा, "अगर आपके पास बहुमत है तो आपको राजभवन के बाहर धरना करना चाहिए. आपके पास काफी समय था. किसी भी कैंडिडेट ने आपके समर्थन में गवर्नर के सामने एफिडेविट नहीं दिया."

हमें पहले मिलना चाहिए सरकार बनाने का मौका : कांग्रेस 

कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा कि गवर्नर सिन्हा द्वारा बीजेपी को सरकार बनाने का आमंत्रण देना 'गैरकानूनी' और 'असंवैधानिक' है. कांग्रेस का कहना है कि सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी को सरकार बनाने का मौका पहले मिलना चाहिए.

गवर्नर ने बहुमत साबित करने के दिए थे 15 दिन

बता दें कि बीजेपी द्वारा सरकार बनाने के दावे के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए 16 मार्च को विधानसभा में ट्रस्ट वोट (बहुमत साबित) का आदेश दिया है. इससे पहले गवर्नर मृदुला सिन्हा ने 15 दिन के अंदर बहुमत साबित करने को कहा था.

तुरंत हो फ्लोर टेस्ट : सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस जे.एस. खेहर के नेतृत्व में तीन जजों वाली बेंच ने मोदी सरकार द्वारा 'जल्द से जल्द' फ्लोर टेस्ट करवाए जाने के आश्वासन को भी नामंजूर कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हम इसे जल्द से जल्द नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि यह तत्काल हो." आज शाम 5.30 बजे लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ तकरीबन दो साल पहले मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के रक्षा मंत्री का पद संभाला था. अब वह रक्षा मंत्री का पद छोड़कर फिर से गोवा का मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. वह आज शाम 5.30 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा पर्रिकर सहित उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहेंगे. ट्वीट्स में देखिए, क्या कहना है दिग्विजय सिंह का?

अरुण जेटली को सौंपा रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार

उन्होंने गोवा में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए सोमवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया. राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत मनोहर पर्रिकर का मंत्रीपरिषद से इस्तीफा मंजूर कर लिया है." इसके अलावा राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है.

पर्रिकर और जेटली दोनों रह चुके हैं रक्षामंत्री

पर्रिकर इससे पहले दो बार गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पहली बार अक्टूबर 2000 से फरवरी 2005 तक और दूसरी बार मार्च 2012 से 8 नवंबर 2014 तक. इसके बाद वह रक्षा मंत्री बने थे. जेटली भी इससे पहले रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल चुके हैं. मोदी सरकार के गठन पर उन्होंने 26 मई 2014 से 9 नवंबर 2014 तक रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला था.

13 सीटों पर जीत और 21 सदस्यों के समर्थन का दावा

पर्रिकर ने 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में 21 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 13 सीटों पर जीत मिली है. गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के 3-3 सदस्यों ने बीजेपी के प्रति समर्थन जाहिर किया है. इसके अलावा दो निर्दलीय विधायकों ने भी अपना समर्थन जताया है.

वित्त और गृह मंत्रालय अपने पास रखेगी बीजेपी

गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों पर जीत हासिल करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन यह संख्या सरकार गठन के लिए नाकाफी है. बीजेपी सूत्रों ने बताया कि पार्टी को समर्थन देने वाले अधिकतर विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, अभी इस पर विचार-विमर्श चल रहा है. बीजेपी वित्त और गृह मंत्रालय अपने पास रखेगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समर्थन देने वाले विधायकों को दिए जाने वाले मंत्री पद पर बात कर रहे हैं. पर्रिकर अन्य पार्टी नेताओं के साथ खुद अंतिम फैसला लेंगे.

First published: March 14, 2017
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