नेल्सन मंडेला: 27 साल की जेल भी जिसे बदल नहीं सकी

News18Hindi
Updated: July 18, 2017, 7:12 AM IST
नेल्सन मंडेला: 27 साल की जेल भी जिसे बदल नहीं सकी
दक्षिण अफ्रीका के फादर ऑफ नेशन कहलाने वाले नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 में हुआ था. पढ़िए उनकी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ ख़ास बातें.
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Updated: July 18, 2017, 7:12 AM IST
दक्षिणी अफ्रीका के फादर ऑफ नेशन नेल्सन मंडेला दुनिया के बेहतरीन राजनेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने अफ्रीका में रंगभेदी सरकार की बजाए लोकतांत्रिक सरकार बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया और इसके लिए वे 27 सालों तक जेल में जीवन बिताया.

तमाम यातनाओं और पीड़ाओं के बाद भी उनके अंदर का एक खुशमिज़ाज शख्स कभी नहीं बदला. पढ़िए नेल्सन मंडेला के जन्मदिवस पर उनकी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें.



जिसके व्यक्तित्व के सब कायल थे

रंगभेद, अत्याचार और लोकतंत्र की लड़ाई के लिए मंडेला 2 दशक से ज़्यादा लंबे समय तक जेल में रहे. बावजूद इसके जिन लोगों ने उन्हें जेल में बंद रखा, उनके प्रति भी उनके मन में कोई कड़वाहट नहीं थी. वे हमेशा खुशमिजाज़ रहे और उनके व्यक्तित्व ने पूरी दुनिया को रिझाया. राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने HIV और एड्स के खिलाफ जंग लड़ी और अफ्रीका के लिए फुटबॉल विश्व कप (2010) की मेज़बानी हासिल करने में खास भूमिका अदा की.

जब शिक्षक ने बदला उनका नाम
मंडेला मदीबा कबीले से ताल्लुक रखते थे और अफ्रीका में उन्हें उनके कबीले के नाम यानी 'मदीबा' कहकर ही बुलाया जाता था. कबीले ने उनका नाम रोलिहलाहला दालिभंगा रखा था लेकिन उनके स्कूल के एक शिक्षक ने उनका नाम नेल्सन रखा. उनके पिता थेंबू राज परिवार में सलाहकार थे और जब उनकी मृत्यु हुई तो नेल्सन मंडेला नौ साल के थे.

एड्स से हुई थी बेटे की मौत
रूढ़िवादी और पिछड़े दक्षिण अफ्रीकी समाज के बावजूद उन्होंने साल 2005 में सार्वजनिक रूप से कहा कि उनके बेटे मौत एड्स की बीमारी से हुई है. उन्होंने दक्षिणी अफ़्रीकी लोगों से अपील की कि वो एड्स बीमारी के बारे में खुलकर बात करें. उसे हिकारत की नज़र से देखने की बजाए, एक आम बीमारी की तरह देखें.
First published: July 18, 2017
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