कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं मिली थी एंट्री, अब प्रेसिडेंट की रेस में सबसे आगे

News18.com
Updated: June 20, 2017, 3:48 PM IST
कभी राष्ट्रपति भवन में नहीं मिली थी एंट्री, अब प्रेसिडेंट की रेस में सबसे आगे
कुछ हफ्ते पहले ही रामनाथ कोविंद को शिमला स्थित प्रेसिडेंशियल रिट्रीट के दरवाजे से बैरंग लौटा दिया गया था.
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Updated: June 20, 2017, 3:48 PM IST
अगर सबकुछ भाजपा और एनडीए के पक्ष में जाता है तो अगले महीने रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले सकते हैं. यह भी एक संयोग ही है कि कुछ हफ्ते पहले ही उन्हें शिमला स्थित प्रेसिडेंशियल रिट्रीट के दरवाजे से बैरंग लौटा दिया गया था.

पिछले महीने की 28 तारीख को कोविंद अपने परिवार के साथ शिमला गए थे. पीटीआई की खबर के मुताबिक उनका परिवार किराए की टैक्सी से सफर कर रहा था. लेकिन जैसे ही वह प्रेसिडेंशियल रिट्रीट पहुंचे उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया. दरअसल प्रेसिडेंशियल रिट्रीट एक हाई सिक्योरिटी जोन है जहां जाने के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य होता है.

हिमाचल के मशोबरा में स्थत द रिट्रीट को 1850 में बनाया गया था. आजादी के बाद इसे राष्ट्रपति भवन बना दिया गया. राष्ट्रपति साल में कम से कम एक बार द रिट्रीट जरूर जाते हैं और इस दौरान उनका पूरा ऑफिस वहीं ठहरता है.

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के सलाहकार शशिकांत ने बताया, "बिहार के राज्यपाल कल्याणी हेलिपैड गए थे, इसे खासतौर पर राष्ट्रपति के लिए तैयार किया गया है. मैंने उन्हें शिमला के जंगल घूमने की सलाह दी थी, इसे दुनिया के बेहतरीन जंगलों में गिना जाता है. वह यहां की हरियाली और खूबसूरती से काफी प्रभावित हुए थे." कोविंद हिमाचल के राज्यपाल के करीबी दोस्त हैं. वह उनके लिए आम की पेटियां और बुद्ध की प्रतिमा लेकर आए थे.

फिलहाल विपक्ष ने राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. वहीं, सत्ताधारी एनडीए के उम्मीदवार होने के चलते कोविंद को राष्ट्रपति पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होने वाले हैं.
First published: June 20, 2017
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