कुछ लोग पाकिस्तान में अमन की बात को पसंद नहीं करते: निजामी

नासिर हुसैन | News18India.com
Updated: March 20, 2017, 3:36 PM IST
कुछ लोग पाकिस्तान में अमन की बात को पसंद नहीं करते: निजामी
सूफिज्म अमन-चैन का पैगाम देता है. हम भी पाकिस्तान में अमन-चैन का पैगाम देने के लिए एक स्कूली कार्यक्रम में गए थे. लेकिन कुछ लोगों को अमन का पैगाम देना पसंद नहीं आया.
नासिर हुसैन | News18India.com
Updated: March 20, 2017, 3:36 PM IST
सूफिज्म अमन-चैन का पैगाम देता है. हम भी पाकिस्तान में अमन-चैन का पैगाम देने के लिए एक स्कूली कार्यक्रम में गए थे. लेकिन कुछ लोगों को अमन का पैगाम देना पसंद नहीं आया. ये कहना गलत है कि हमें पूछताछ के नाम पर टॉर्चर किया गया. वीजा संबंधी पूछताछ जरूर हुई थी.

हजरत निजामउद्दीन औलिया दरगाज के सज्जादानशीं नाजिम अली निजामी और सैय्यद आसिफ निजामी सोमवार की सुबह देश लौट आए. एयरपोर्ट पर उतरने के बाद निजामी सीधे दरगाह पहुंच गए. दरगाह में सजदा करने के बाद परिवार और दूसरे लोगों से मिले. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि एक स्कूल में अमन और भाईचारे का कार्यक्रम रखा गया था.

हम भी वहां अपनी बात रखने गए थे. कुछ लोगों को हमारी बात पसंद आई तो कुछ लोगों को नापसंद. उनका कहना था कि कुछ लोग सूफिज्म की आवाज को दबाना चाहते हैं. उन्होंने पाक मीडिया की उन खबरों का भी खंडन किया जिसमें कहा गया था कि निजामी सिंध प्रांत के उस इलाके में पहुंच गए हैं जहां मोबाइल का नेटवर्क नहीं आता है. उनका कहना था कि जब हमारे पास सिंध का वीजा ही नहीं था तो हम वहां कैसे जा सकते हैं.
First published: March 20, 2017
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