स​र​बजीत के पाकिस्तानी वकील ने कहा- जाधव को लेकर अभी खुशी मनाना जल्दबाजी

News18Hindi
Updated: May 19, 2017, 1:46 PM IST
स​र​बजीत के पाकिस्तानी वकील ने कहा- जाधव को लेकर अभी खुशी मनाना जल्दबाजी
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Updated: May 19, 2017, 1:46 PM IST
कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में ​फांसी पर लगी रोक के बाद देश में खुशी का माहौल है. जाधव को भारत वापस लाने की उम्मीदें बंधी हैं. लेकिन, जाधव की तरह ही जासूसी के आरोप में पकड़े गए सरबजीत सिंह के पाकिस्तान में वकील रह चुके अवैसी शेख का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले पर खुशी मनाना कुछ जल्दबाजी होगा.

अवैसी शेख ने न्यूज 18 एरमा आघा से बातचीत में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले पर खुशी मनाना जल्दबाजी होगा. अभी न्याय पाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना जरूरी है. हालांकि, भारत ने आधा रास्ता तय कर लिया है. इसमें कोई शक नहीं है कि इससे कानूनी, नैतिक, मानसिक और राजनीतिक फायदा है. भारत को कुलभूषण जाधव को सुरक्षित तरीके से घर वापस लाना है. इसके लिए भारत को संभावित तरीकों पर बेहद समझदारी से आगे बढ़ने की जरूरत है.

अवैसी का कहना है कि सरबजीत से जाधव का मामला कुछ अलग है. सरबजीत के मामले में सिविल कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था जबकि जाधव को मिलिट्री कोर्ट ने दोषी ठहराया है. सरबजीत को निर्दयता के साथ प्रताड़ित किया गया था. लेकिन, कुलभूषण के मामले में अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है.

सुरक्षा को लेकर चिंताएं

बता दें कि अवैसी शेख को पाकिस्तान में सरबजीत का केस लड़ने के लिए महंगी फीस दी गई थी. सरबजीत का मामला हाथ में लेने के बाद उन्हें भी धमकियां मिलीं और प्रताड़ित किया गया. यहांत की अवैसी को पाकिस्तान छोड़कर स्वीडन जाना पड़ा. वहीं, सरबजीत सिंह के मामले को देखें तो एक और बात निकलकर आती है. सरबजीत को भी पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था. उनके साथ हुई प्रताड़ना और जेल में हत्या के बाद जाधव की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं पैदा होती हैं..

बता दें कि गुरुवार को कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही विएना संधि पर सवाल नहीं उठाया है. कोर्ट ने माना है कि कुलभूषण को कानूनी मदद मिलनी चाहिए.

इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत की अपील पर फैसला सुनाते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मामले की पूरी सुनवाई होने तक कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दे सकता. कुलभूषण को पूरी कानूनी सहायता दी जानी चाहिए. इसके अलावा पाकिस्तान की उस दलील को भी ठुकरा दिया कि जासूसी मामले में दोषी पाया गया व्यक्ति विएना संधि के तहत नहीं आता. इस तरह इंटरनेशनल कोर्ट ने भारत की तीनों अपील को मंजूर करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट निर्देश जारी किया है.

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First published: May 19, 2017
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