मानसून सत्र: मोदी बोले, GST का दूसरा नाम 'ग्रोइंग स्ट्रांगर टूगेदर'

News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 10:36 AM IST
मानसून सत्र: मोदी बोले, GST का दूसरा नाम 'ग्रोइंग स्ट्रांगर टूगेदर'
monsoon session: पीएम मोदी ने संसद भवन पहुंचकर मानसून सत्र से पूर्व मीडिया से बात की. (File photo: Gettyimages)
News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 10:36 AM IST
आज से मानसून सत्र शुरू हो गया है. संसद पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि GST लागू होने से संसद का ये सत्र नई उमंग से भरा होगा. उन्होंने कहा कि जीएसटी एक साथ काम करने का दूसरा नाम है. उन्‍होंने GST का नया नाम बताते हुए इसे 'ग्रोइंग स्ट्रांगर टूगेदर' कहा।

मीडिया से बात करते हुए मोदी ने कहा, इस बार लोगों को ध्यान मानसून सत्र पर कई अहम मुद्दों पर चर्चा को लेकर रहेगा. उन्होंने इस सत्र की शुरुआत में किसानों को नमन करते कहा, वे इस मौसम में कठोर परिश्रम कर देशवासियों के लिए खाद्य का इंतजाम करते हैं. इसके अलावा उन्होंने आगामी सत्र को लेकर कहा,'मुझे विश्वास है कि सभी राजनीतिक दल, सांसद राष्ट्रहित में फैसले लेंगे और हर विचार और व्यवस्था में वैल्यू एडीशन करेंगे.'
मीडिया को संंबोधित करते हुए पीएम ने कहा, 'आज से मानसून सत्र शुरू हो रहा है. जिस तरह गर्मी के बाद पहली बारिश मिट्टी में नई सुगंध लाती है, वैसे ही जीएसटी के बाद पूरा सेशन नई उमंग से भरा होगा. जीएसजी से साबित हो चुका है कि देश की सभी पार्टियां और सरकारें राष्ट्रहित में काम करती हैं. इसका नया नाम ग्रोइंग स्ट्रांगर टूगेदर भी होगा.'



इसके बाद उन्‍होंने कहा, मानसून सत्र के बीच ही 9 तारीख को अगस्त क्रांति के 75 साल पूरे हो रहे हैं. पूरे देश का ध्यान इस सेशन पर होगा.


कई मुद्दों पर होगी अहम चर्चा:
विपक्षी पार्टियां इसमें कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिए तैयार हैं. इसे देखते हुए सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं. हालांकि लोकसभा की कार्यवाही सुचारू ढंग से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने एक सर्वदलीय बैठक की. लेकिन कांग्रेस ने कुछ मुद्दों पर सरकार को घेरने का संकेत दिया.

पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद ने चीन, कश्मीर, किसानों की हालत, गौरक्षकों की ओर से की जा रही हिंसा जैसे कई मुद्दों को लोकसभा में उठाने की बात की है.

जिन चार बड़े मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेर सकता हैं - उनमें चीन में सीमा विवाद, कश्मीर के हालात, गौमांस के आरोप में अल्पसंख्यकों का उत्पीडन और जांच एजेंसियों द्वारा विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई शामिल है.
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर