'1 नंबर' से चुने जाएंगे नये राष्ट्रपति, ये लोग नहीं कर सकेंगे मतदान

प्रणय उपाध्याय | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 10:07 AM IST
'1 नंबर' से चुने जाएंगे नये राष्ट्रपति, ये लोग नहीं कर सकेंगे मतदान
देश के 14वें राष्ट्रपति के लिए मतदान आज. (Photo- getty)
प्रणय उपाध्याय | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 10:07 AM IST
भारत के 14वें राष्ट्रपति के लिए सोमवार 17 जुलाई यानी आज मतदान शुरू हो चुके हैं, वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी. संसद भवन और अलग-अलग राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और यह भी तय हो चुका है कि कौन कहां वोट डालेगा और किसे वोट करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. नई दिल्ली में संसद भवन के कमरा नंबर 62 को निर्वाचन केंद्र बनाया गया है.

बैलेट पेपर से होगा मतदान
देश में ईवीएम पर चाहे जो भी बहस हो रही हो लेकिन राष्ट्रपति चुनाव कागज़ के मतदान-पत्र यानी बैलेट पेपर से ही होगा. मतदान पूरा होने के बाद देश की सभी विधानसभाओं से मतपेटियां नई दिल्ली लाई जाएंगी और उन्हें संसद भवन के कमरा नंबर 62 में रखा जाएगा. वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी और इसके लिए आठ राउंड तय किए गए हैं और चार टेबल पर मत गिने जाएंगे.



कुछ विधायक संसद में तो कई सांसद विधानसभाओं में डालेंगे वोट
सांसदों के साथ ही 5 विधायक भी संसद भवन में मतदान करेंगे. इसमें बेजेपी अध्यक्ष अमित शाह और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के अलावा सिक्किम के शेर बहादुर सुबेदी, कमलसिंह नर्जरी, अरुणाचल प्रदेश के जोमदे केन शामिल हैं. (पढ़ेंः अलग-अलग होती है वोटों की वैल्यू)

President Election
President Election में कुछ विधायक संसद में और कुछ सांसद विधानसभाओं में डालेंगे वोट.


हालांकि कई सांसद भी अपना वोट अपने राज्यों की विधानसभाओं में डालेंगे. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी भी सांसद हैं लेकिन वो उत्तरप्रदेश विधानसभा में ही वोट डालेंगे.



इसी तरह रक्षा मंत्री का पद छोड़कर गोआ के मुख्यमंत्री बने मनोहर पर्रीकर अब भी उत्तरप्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं. मगर वो गोआ विधानसभा में अन्य विधायकों के साथ हो मतदान करेंगे. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को पश्चिम बंगाल में ही मत डालने को कहा है. मगर टीएमसी के देव अधिकारी और स्वागत बोस संसद भवन में ही मतदान करेंगे. राज्यसभा के 14 और लोकसभा के 41 सांसदों को राज्य विधानसभाओं में वोट डालने की इजाज़त दी गई है.

नंबर 1 से तय होता है देश का प्रथम नागरिक
राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में हिस्सा लेने वाले सभी सदस्यों को बैलट पेपर पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम के आगे 1 नंबर अंकित करना होगा. चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक अन्य कोई निशान जैसे सही या क्रास बनाने पर वोट निरस्त हो जाएगा. दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव में सदस्यों को अपनी पहली व दूसरी पसंद अंकित करना होती है. जिस भी उम्मीदवार को सर्वाधिक मतदाताओं ने अपनी पहली पसंद बताया हो वही विजयी घोषित कर दिया जाता है.

खास पेन से लगेगा निशान
राष्ट्रपति चुनाव में इस बार निर्वाचन आयोग ने पहली बार एक खास पेन भी उपलब्ध कराया है. यह इलेक्शन मार्कर पेन निर्वाचन बूथ पर ही सदस्यों को मिलेगा जिससे वो बैलेट पेपर पर अपने मनपसंद उम्मीदवार के आगे 1 का अंक लिख सकेंगे.

उम्मीदवारों का मत नहीं
राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव का एक रोचक तथ्य ये भी है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की चुनावी रेस में शामिल दोनों ही उम्मीदवार यानी रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार अपने लिए वोट नहीं डाल सकेंगे. दोनों ही नेता इस समय न तो सांसद है और न ही विधानसभा सदस्य. चुनाव के लिए यूं तो 90 से अधिक लोगों ने पर्चा भर था लेकिन NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और पूर्व लोकसभा स्पीकर तथा विपक्ष की प्रत्याशी मीरा कुमार को ही चुनाव लड़ने के योग्य पाया गया.

President election
President Election: 14वें राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार के बीच सीधी टक्कर है. (Photo- getty)


चुनावी रेस के गणित में फिलहाल रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी नजर आ रहा है जिन्हें एनडीए के घटक दलों समेत 40 राजनीतिक पार्टियों का समर्थन हासिल है. उनके पाले में करीब 62.7 फीसदी वोट हैं. वहीं विपक्षी खेमे में मीरा कुमार के पास में करीब 27 फीसदी वोट ही नजर आ रहे हैं. हालांकि राष्ट्रपति चुनाव में कोई दल अपने विधायकों और सांसदों को अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती, इसलिए दलगत बंधनों से बाहर मतदान की संभावना भी बनी रहती है.

ये सदस्य नहीं कर सकेंगे मतदान
- लोकसभा सचिवालय सूत्रों के मुताबिक बिहार के सासाराम से सांसद छेदी पासवान का निर्वाचन पटना उच्च् न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के कारण वह राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे. रोचक बात है कि छेदी पासवान ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सासाराम से ही मीरा कुमार को हराया था जो अब राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार हैं.

- सूत्रों के अनुसार रोज़ वैली चिटफण्ड मामले में गिरफ्तार तृणमूल सांसद तापस पॉल को जेल में होने के कारण मतदान की इजाजत नहीं होगी.

- इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत अन्य राज्यों में भी कई विधायक कानूनी कारणों से वोट नहीं डाल पाएंगे.

- संवैधानिक प्रावाधानों के चलते लोकसभा और राज्यसभा के मनोनीत सांसद भी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे.

मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार शाम 6:30 बजे राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी और लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल अनूप मिश्रा प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करेंगे.
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर