राष्ट्रपति चुनाव: गुजरात कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग के डर के बीच पहला पड़ाव पार

जनक दवे | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 11:24 PM IST
राष्ट्रपति चुनाव: गुजरात कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग के डर के बीच पहला पड़ाव पार
Presidential Election 2017 में शंकरसिंह वाघेला ने कांग्रेस के प्रति एकजुटता दिखाई.(Getty Images)
जनक दवे | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 11:24 PM IST
गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला उर्फ ‘बापू’ की कांग्रेस से नाराजगी छुपी नहीं है. समय-समय पर उनकी धमकियां कुछ असर भी करती रही है. लेकिन आज हुए राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में क्रॉस-वोटिंग की चिंता के बीच बापू यानी वाघेला ने कांग्रेस के प्रति एकजुटता दिखाई. कांग्रेस प्रभारी अशोक गहलोत समेत बाकी नेताओं को इससे बड़ी राहत मिली की नाराज बापू ने कांग्रेस की रणनीति में साथ दिया.

हालांकि बापू को गुजरात चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर बड़ी आपत्ति है. इसको लेकर वो सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि ‘कांग्रेस को गड्ढे में गिरना है तो गिरे, मैं गिरना नहीं चाहता’. बापू के इस बयान ने कांग्रेस के भीतर भूचाल ला दिया था.

दरअसल बापू ने के एंटनी कमिटी की सिफारिशों का हवाला देते हुए मांग की थी कि चुनाव से कम से कम छह महीने पहले उम्मीदवार घोषित कर देनी चाहिए. लेकिन कांग्रेस ने इस पर कोई काम नहीं किया. ना ही गुजरात में कांग्रेस का कप्तान कौन होगा इस पर ही राय बनाई. बापू इस बार के चुनाव में छा जाना चाहते है, वो सर्वेसर्वा बनना चाहते है लेकिन आला-कमान है कि बापू की सुनता ही नहीं. बापू इसी वजह से पार्टी से नाराज चल रहे हैं. कांग्रेस की ओर से उन्हें मनाने की कोशिशें भी होती रही हैं.

बापू की नाराजगी कांग्रेस को राष्ट्रपति चुनाव के वक्त भारी पड़ सकती है, यह आला-कमान की पता था. ऐसे में गुजरात कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत गुजरात में ही अड्डा जमाये हुए थे. पहला पड़ाव तो पार हो गया. इसके लिए गहलोत को अच्छे मार्क्स भी मिले होंगे, लेकिन अभी भी राज्यसभा के चुनाव होने हैं और कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे अहमद पटेल खड़े हैं.

कहा ये भी जा रहा है कि बापू के साथ उनके लॉयल विधायक भी हैं. वो अगर कांग्रेस से पल्ला झाड़ लेते है तो राज्यसभा में पटेल को जिताने का गणित उलटा पड़ जाएगा. ऐसे में बापू की नाराजगी फिलहाल किसी भी हाल में कांग्रेस के लिए घाटे का सौदा ही है.

ऐसे में दो चीजें हो सकती है या तो बापू की बातें कांग्रेस आला-कमान ने मान ली हो या बापू खुद झुक गए हों. जो भी हो अहमद पटेल के राज्यसभा सांसद बनने तक बापू की हर चाल पर कांग्रेस के आला-नेताओं की नजरें टिकी हुई है.
First published: July 17, 2017
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